राजस्थान के जोधपुर जिले और उससे जुड़े मेड़ता क्षेत्र में आज 10 अगस्त 2026 को रेलवे अधिकारियों ने पर्यटन मानचित्र पर इस क्षेत्र को एक नई पहचान देने के लिए ऐतिहासिक रेल खंड पर हेरिटेज ट्रेन चलाने की रूपरेखा साझा की। मारवाड़ की समृद्ध संस्कृति और प्राचीन किलों को देखने के लिए दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों को अब एक अनोखा अनुभव मिलेगा। इस विशेष ट्रेन में पुराने जमाने के पारंपरिक डिब्बों को आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ सजाया जाएगा, जिसमें पारंपरिक राजस्थानी भोजन, संगीत और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के तहत ट्रैक के रख-रखाव और पुराने रेलवे स्टेशनों के सौंदर्य प्रसाधन का कार्य आज से ही युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। जोधपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के हस्तशिल्प कलाकारों को भी इस ट्रेन के माध्यम से अपने उत्पादों को बेचने के लिए स्टेशनों पर विशेष स्टॉल आवंटित किए जाएंगे। स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों ने इस निर्णय पर खुशी जताते हुए कहा है कि इससे स्थानीय आर्थिकी को बड़ा संबल मिलेगा और देशी-विदेशी पर्यटकों का आवागमन सुगम होगा।
पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति का संगम
इस हेरिटेज ट्रेन सेवा का मुख्य आकर्षण यह है कि यह पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल होगी और यात्रा के दौरान पर्यटकों को राजस्थान की असली माटी और संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। आज से शुरू हुई प्रारंभिक तैयारियों के तहत रेलवे सुरक्षा बल ने भी इस रूट पर गश्त बढ़ा दी है ताकि यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता रहे। जोधपुर के इस ऐतिहासिक कदम से राज्य में सांस्कृतिक पर्यटन को एक नई दिशा मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।