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सांस्कृतिक उत्सव: मुजफ्फरपुर के कांटी क्षेत्र में पारंपरिक लोक नृत्य प्रतियोगिता का भव्य आयोजन

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी प्रखंड परिसर में आज क्षेत्रीय लोक कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशाल पारंपरिक लोक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

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Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 16:33
सांस्कृतिक उत्सव: मुजफ्फरपुर के कांटी क्षेत्र में पारंपरिक लोक नृत्य प्रतियोगिता का भव्य आयोजन
आज सुबह से ही कांटी का मुख्य सांस्कृतिक मंच पारंपरिक धुनों और ढोल-नगाड़ों की थाप से गूंज उठा। इस प्रतियोगिता में मुजफ्फरपुर के विभिन्न गांवों और पंचायतों से आए दर्जनों लोक कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित दर्शकों का दिल जीत लिया। कलाकारों ने झिझिया, कजरी, जाट-जाटिन और सोहर जैसे पारंपरिक लोक नृत्यों के माध्यम से ग्रामीण संस्कृति और रीति-रिवाजों को जीवंत कर दिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़े रखना और विलुप्त हो रही कलाओं को पुनर्जीवित करना था। बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण अपने परिवारों के साथ इस आयोजन का आनंद लेने पहुंचे और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

प्रतियोगिता के दौरान हर एक दल ने अपनी बेहतरीन वेशभूषा और सटीक नृत्य मुद्राओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले झिझिया नृत्य ने बारिश और अच्छी फसल की कामना के पारंपरिक दृश्यों को मंच पर उतार दिया। निर्णायकों की मंडली ने कलाकारों की कलात्मकता, लय और तालमेल के आधार पर उनका मूल्यांकन किया। इस दौरान बुजुर्ग कलाकारों ने नई पीढ़ी के बच्चों को लोक कलाओं के इतिहास और उनके सामाजिक महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया। आयोजकों का कहना था कि आधुनिक पॉप संस्कृति के इस दौर में अपनी माटी की खुशबू से जुड़ी इन कलाओं को संरक्षित करना हमारा परम कर्तव्य है।

विजेताओं को मिला सम्मान और प्रोत्साहन

शाम को संपन्न हुए पुरस्कार वितरण समारोह में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले दलों को आकर्षक ट्राफियां और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस प्रकार के आयोजनों की सराहना करते हुए भविष्य में इन्हें और बड़े स्तर पर आयोजित करने का वादा किया। इस सफल आयोजन से न केवल कलाकारों को एक बड़ा मंच मिला, बल्कि क्षेत्र में सांस्कृतिक सौहार्द और उत्साह का माहौल भी देखने को मिला।
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