वाराणसी जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर वाराणसी में गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने आज सुबह दशाश्वमेध घाट और अस्सी घाट का निरीक्षण किया और सुरक्षा कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। हाल के दिनों में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। नगर निगम और जल पुलिस को संयुक्त रूप से तैनात किया गया है जो लगातार गश्त करेंगे।
घाटों पर सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी
इस नई सुरक्षा योजना के तहत प्रमुख घाटों पर उच्च परिभाषा वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिनका नियंत्रण कक्ष स्थानीय पुलिस स्टेशन में स्थापित किया गया है। इसके अलावा, संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी निगरानी रखी जा रही है ताकि भीड़भाड़ वाले इलाकों में असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा सके। जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि स्थानीय नाविकों और गोताखोरों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और गहरे पानी में जाने से बचें।
स्थानीय दुकानदारों और तीर्थयात्रियों के लिए नई गाइडलाइंस
सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ प्रशासन ने घाटों के आसपास अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए भी एक विशेष अभियान शुरू किया है। घाटों के किनारे दुकान लगाने वाले विक्रेताओं को वेंडिंग जोन के नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को चलने में कोई असुविधा न हो। तीर्थयात्रियों के सुविधा केंद्रों का भी नवीनीकरण किया गया है जहां पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा की मुफ्त व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे शहर में पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा और कानून व्यवस्था बेहतर बनी रहेगी।