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वन्यजीव संरक्षण: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में बाघ गलियारे के पुनरुद्धार का कार्य शुरू

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के बोड़ला वन क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए आज से विशेष गलियारे के विकास का कार्य शुरू कर दिया गया है।

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Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 16:25
वन्यजीव संरक्षण: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में बाघ गलियारे के पुनरुद्धार का कार्य शुरू
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के अंतर्गत बोड़ला वन मंडल के अंतर्गत आने वाले घने जंगलों में आज वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने आज सत्रह अगस्त की सुबह से ऐतिहासिक टाइगर कॉरिडोर के पुनरुद्धार और सुरक्षा का कार्य आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया है। यह गलियारा मध्य प्रदेश के कान्हा राष्ट्रीय उद्यान और छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व को आपस में जोड़ता है, जहां पिछले कुछ वर्षों में इंसानी गतिविधियों और सड़कों के विस्तार के कारण वन्यजीवों का प्राकृतिक मार्ग बाधित हो गया था। इस परियोजना के तहत जंगलों के बीच बने रास्तों को प्राकृतिक रूप से संवारने, कृत्रिम जल स्रोतों का निर्माण करने और मवेशियों की अनधिकृत चराई को रोकने के लिए सख्त उपाय किए जा रहे हैं।

मानव-वन्यजीव संघर्ष में आएगी कमी

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉरिडोर के पूरी तरह विकसित हो जाने से तेंदुओं, बाघों और अन्य जंगली जानवरों को एक सुरक्षित गलियारा मिलेगा, जिससे वे बिना किसी रुकावट के एक जंगल से दूसरे जंगल में आ-जा सकेंगे। इसके परिणामस्वरूप आसपास के गांवों में वन्यजीवों के प्रवेश और मवेशियों पर हमलों की घटनाओं में भी भारी कमी आएगी। आज बोड़ला में आयोजित एक ग्राम पंचायत बैठक के दौरान वन अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बताया कि जंगलों की सुरक्षा और वन्यजीवों का संरक्षण हमारे अपने पर्यावरण के संतुलन के लिए कितना आवश्यक है। ग्रामीणों ने भी इस अभियान में पूरा सहयोग देने का संकल्प लिया है और वन विभाग के साथ मिलकर निगरानी समितियों का गठन किया है।

जैव विविधता का हो रहा है संरक्षण

इस वन क्षेत्र में जैव विविधता को पुनर्जीवित करने के लिए स्थानीय प्रजाति के पौधों और घास के मैदानों को फिर से विकसित करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। आज पर्यावरणविदों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगलों में वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने और उनके प्राकृतिक आवासों को संरक्षित करने के लिए ऐसे दीर्घकालिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। आने वाले महीनों में इस पूरे क्षेत्र में आधुनिक कैमरा ट्रैप और ड्रोन निगरानी प्रणाली भी स्थापित की जाएगी ताकि वन्यजीवों की गतिविधियों पर बारीक नजर रखी जा सके। इस महत्वपूर्ण परियोजना के सफल क्रियान्वयन से कबीरधाम जिला देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट स्थान प्राप्त करने की ओर अग्रसर है।
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