कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में फिर बाढ़ की चेतावनी, तिब्बत की ओर डैम टूटने की ख़बर पर क्या बोला डिजास्टर मैनेजमेंट      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      मुस्कान मर्डर केस में सामने आया CCTV वीडियो, हत्या के बाद भागता दिखा आरोपी इमरान      ज़ोहरान ममदानी को लेकर प्रवासी भारतीयों में बहस, आरएसएस ने जारी किया ये बयान      ₹22,000 करोड़ के कर्ज का सिर्फ ₹6.5 करोड़ में निपटारा: NCLT ने सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान को मंजूरी दी;...      India US Relation: भारत जैवलिन एंटी-टैंक सिस्टम खरीदने जा रहा, सर्जियो गोर का ऐलान, पाकिस्तान देखते रहा, इधर हो गई बड़ी डील      पेंगुइन का सोनिया गांधी की किताब छापने से इनकार, सामने आया कारण     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल ब्रेकिंग

यूपी में बारिश और बाढ़ नियंत्रण प्रबंधन के लिए जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रखा गया

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई के जनपदों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से घाघरा, सरयू और राप्ती नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिसके बाद प्रशासन मुस्तैद है।

X
Kantap News डेस्क
13 अग 2026, 18:29
यूपी में बारिश और बाढ़ नियंत्रण प्रबंधन के लिए जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रखा गया
उत्तर प्रदेश में मानसून के पूरी तरह सक्रिय हो जाने और नेपाल के पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। प्रदेश के तराई और पूर्वांचल के प्रमुख जनपदों (जैसे लखीमपुर खीरी, बहराइच, गोंडा, बस्ती, देवरिया, बलिया और गोरखपुर) से गुजरने वाली प्रमुख नदियां—घाघरा, सरयू, राप्ती और शारदा—तेजी से उफान पर हैं और कई स्थानों पर खतरे के निशान के बेहद करीब बह रही हैं। इस भावी जलप्रलय और बाढ़ के खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) और राहत आयुक्त कार्यालय ने राज्य के सभी 24 संवेदनशील तटीय जिलों के जिलाधिकारियों को 24 घंटे का हाई अलर्ट जारी किया है।

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और मोटरबोट्स की संवेदनशील इलाकों में तैनाती

किसी भी अप्रिय स्थिति या जलभराव से निपटने के लिए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 12 और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 18 विशेषज्ञ टीमों को संवेदनशील जिलों में पहले से ही तैनात कर दिया है। राहत आयुक्त ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 3,000 से अधिक सरकारी और निजी नौकाओं को चिन्हित कर लिया गया है। नदियों के तटबंधों (Embankments) की सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग के इंजीनियर चौबीसों घंटे गश्त कर रहे हैं, ताकि किसी भी कटाव को समय रहते बालू की बोरियों से भरा जा सके।

राहत शिविरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की पुख्ता तैयारी

प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तटीय इलाकों में सैकड़ों बाढ़ राहत शिविर (Flood Relief Camps) स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों में विस्थापित परिवारों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल, तिरपाल और बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने सांप के काटने की दवाओं (Anti-snake venom) और जल जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए क्लोरीन की गोलियों का पर्याप्त स्टॉक जिलों में भेज दिया है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और प्रभावित किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा तुरंत प्रदान करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज