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मौसम अलर्ट: ओडिशा, बंगाल और झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी, दिल्ली के हाल पर भी नजर
देश के कई हिस्सों में मानसून का मिजाज एक बार फिर बदल रहा है। मौसम विभाग ने ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
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Ankit Yadav
31 अग 2026, 13:57
देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है, जिससे मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मौसम विज्ञान विभाग द्वारा दी गई ताजा जानकारियों के मुताबिक, आगामी कुछ दिनों के दौरान देश के कई महत्वपूर्ण राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की पूरी संभावना है। विशेष रूप से ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों में इस मौसमी बदलाव का व्यापक असर देखने को मिल सकता है, जिसके मद्देनजर प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाइयों को पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया है। इन क्षेत्रों में लगातार हो रही या होने वाली बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका जताई जा रही है।
पूर्वांचल और झारखंड में असर
पूर्वी भारत के इन राज्यों में गहरे कम दबाव के क्षेत्र के सक्रिय होने की वजह से बादलों की आवाजाही बढ़ गई है। झारखंड के विभिन्न जिलों में भी पिछले कुछ घंटों से मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ नजर आ रहा है, जहाँ लगातार बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय तथा अंदरूनी हिस्सों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बौछारें पड़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने स्थानीय नागरिकों और किसानों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के इस दौर में अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। कृषि सेक्टर पर भी इस बारिश का मिला-जुला असर पड़ सकता है, जिसे लेकर कृषि विशेषज्ञों द्वारा नजर रखी जा रही है।
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी मौसम के बदलते रुख को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। देश के अन्य हिस्सों में सक्रिय मानसूनी तंत्र का असर दिल्ली के तापमान और वायुमंडल पर भी पड़ रहा है, जहाँ उमस भरे मौसम के बीच हल्की फुहारों या बादलों की लुकाछिपी का दौर जारी है। हालांकि, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अभी मॉनसूनी गतिविधियां उस तीव्रता के साथ सक्रिय नहीं हैं जैसी पूर्वी भारत में देखी जा रही हैं, फिर भी मौसम विभाग की पैनी नजर पूरे उत्तर भारत के तापमान और बादलों की चाल पर बनी हुई है।
आने वाले दिनों में स्थिति किस करवट बैठेगी, यह मानसूनी बादलों की गतिशीलता पर निर्भर करेगा। स्थानीय प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए हैं और राहत एवं बचाव दलों को मुस्तैद रखा गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर जारी होने वाले दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या खतरे से बचा जा सके।