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राजनीति

पहलगाम हमले का अंदरूनी सच: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने किया खुलासा, प्रधानमंत्री मोदी ने सेना को दी थी पूरी खुली छूट

एक दुर्लभ साक्षात्कार में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार के उच्च स्तर पर हुए विचार-विमर्श और ऑपरेशन सिंदूर की रणनीतिक योजना का पर्दाफाश किया है।

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Kantap News डेस्क
17 अग 2026, 14:52
पहलगाम हमले का अंदरूनी सच: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने किया खुलासा, प्रधानमंत्री मोदी ने सेना को दी थी पूरी खुली छूट
देश के शीर्ष सुरक्षा मामलों के जानकार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने हाल ही में दिए एक विस्तृत साक्षात्कार में देश की सुरक्षा नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण रहस्यों से पर्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि जब कायराना पहलगाम आतंकी हमला हुआ था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना किसी विलंब के कड़े फैसले लिए। प्रधानमंत्री का रुख बिल्कुल साफ था कि इस नापाक हरकत के पीछे छिपे चेहरों की तत्काल पहचान की जाए। इसके साथ ही, देश के सैन्य नेतृत्व को किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव से मुक्त रखते हुए पूरी ऑपरेशनल स्वतंत्रता दे दी गई थी, ताकि वे अपने सामरिक कौशल के अनुसार दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दे सकें।

मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रमाण

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के इन खुलासे से यह स्पष्ट हो जाता है कि वर्तमान राजनीतिक नेतृत्व देश की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता करने के पक्ष में नहीं है। जब सेना को पूरी छूट मिलती है, तो वे अपनी रणनीति के तहत दुश्मन के ठिकानों पर सटीक प्रहार करती हैं। डोवाल ने अपने संबोधन में यह भी रेखांकित किया कि किस प्रकार खुफिया एजेंसियों और रक्षा बलों के बीच समन्वय को बेहतर बनाया गया है ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी घटना को होने से पहले ही रोका जा सके। इस खुलासे ने देश के भीतर नागरिकों का सुरक्षा व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत कर दिया है।

सुरक्षा तंत्र में लगातार सुधार

भारत के सुरक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में पिछले कुछ वर्षों में कई क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। घरेलू स्तर पर रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्याधुनिक तकनीक हासिल करने तक, देश हर मोर्चे पर आत्मनिर्भर हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की निर्णायक नेतृत्व शैली और अजीत डोवाल जैसी अनुभवी हस्तियों के मार्गदर्शन के कारण भारत आज अपनी सीमाओं की रक्षा करने में पहले से कहीं अधिक सक्षम है। यह साक्षात्कार इस बात का जीवंत उदाहरण है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि रखते हुए कैसे कठिन परिस्थितियों में भी सटीक और साहसिक निर्णय लिए जाते हैं।
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