कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      जोहरान ममदानी को RSS का करारा जवाब, X अकाउंट भी बहाल, मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा पर बड़ा अपडेट      पाकिस्तान ने फंसाया एक और ‘मुर्गा’, सऊदी अरब-तुर्की के बाद इस देश के साथ मिलिट्री डील, बदले में क्या मिलेगा...      कौन थे अंकित बालियान जिनकी शामली में जिम के बाहर हुई हत्या      पेंगुइन का सोनिया गांधी की किताब छापने से इनकार, सामने आया कारण      दिल्ली में ISI के जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश... स्पेशल सेल ने पति-पत्नी को किया गिरफ्तार, पाकिस्तान भेजते थे भारतीय SIM कार्ड     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

परीक्षा रद्द होने पर उबाल: झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल के परिणाम पास करने वाले युवाओं का फूटा गुस्सा, सड़कों पर उतरे

झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद राज्य की राजनीति और युवा वर्ग में भारी हलचल मच गई है, जहां एक ओर कुछ अभ्यर्थी जश्न मना रहे हैं, वहीं सफल उम्मीदवारों ने खुद को बेरोजगार करार देते हुए आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।

X
Kantap News डेस्क
19 अग 2026, 13:34
परीक्षा रद्द होने पर उबाल: झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल के परिणाम पास करने वाले युवाओं का फूटा गुस्सा, सड़कों पर उतरे
झारखंड की राजधानी रांची समेत विभिन्न जिलों में उस समय तनाव का माहौल बन गया जब उन युवाओं ने सड़कों पर उतरकर तीव्र प्रदर्शन शुरू कर दिया जिन्होंने हाल ही में कड़ी मेहनत के बाद जेएसएससी-सीजीएल की प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा इस पूरी चयन प्रक्रिया को निरस्त किए जाने के बाद से ही राज्य का राजनीतिक और शैक्षणिक पारा काफी चढ़ गया है। परीक्षा में सफल होने वाले इन नौजवानों का कहना है कि अचानक लिए गए इस प्रशासनिक निर्णय ने उनके भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है और वे रातों-रात बिना किसी गलती के बेरोजगार हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के इस कदम को उनके वर्षों के परिश्रम के साथ सरासर अन्याय करार दिया है और वे लगातार फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

परीक्षा निरस्तीकरण पर सियासी और सामाजिक घमासान

दूसरी तरफ, इस मामले का एक दूसरा पहलू भी पूरी तरह सामने आ रहा है जहां उन तमाम अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए इसे अपनी जीत बताया है जो इस पूरी प्रक्रिया में धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ लंबे समय से मुखर होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। दोनों पक्षों के आमने-सामने आ जाने से राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिरता को लेकर एक नया संकट खड़ा हो गया है। विरोध प्रदर्शन कर रहे सफल उम्मीदवारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तुरंत विचार नहीं किया गया तो इस आंदोलन को राज्य स्तर पर और अधिक तीव्र किया जाएगा, जिससे आने वाले दिनों में स्थानीय प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया और भविष्य की रणनीति

इस पूरे घटनाक्रम ने झारखंड के राजनीतिक गलियारों में भी खलबली मचा दी है जहां विपक्षी दलों ने सरकार की कार्यशैली और नीतिगत फैसलों पर कड़े सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। उनका आरोप है कि प्रशासनिक चूक और पेपर लीक जैसी समस्याओं का खामियाजा हमेशा आम युवाओं और मेधावी छात्रों को भुगतना पड़ता है जो पूरी तरह से अनुचित है। सरकार के नुमाइंदों का कहना है कि यह फैसला पूरी पारदर्शिता और छात्रों के व्यापक हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है, लेकिन सड़क पर उतर चुके युवाओं के बढ़ते आक्रोश को थामना अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज