कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      भारत ने दो बार बुलाया, तारिक रहमान नहीं आए; विवाद के बावजूद बालेन शाह ने दिल्ली क्यों चुनी?      उत्तराखंड पर मंडराया खतरा, ग्लेशियरों के पिघलने से उच्च हिमालयी क्षेत्र में बनीं 77 नई झीलें      Raksha Bandhan 2026 Wishes: बड़े भाई से छोटे भाई तक, हर रिश्ते के लिए भेजें ये खास मैसेज, दिल में घुल जाएगा...      सोनिया गांधी पर किताब प्रकाशित नहीं करेगा पेंगुइन इंडिया, संपादकीय बदलाव से लेखिका का इनकार      Raksha Bandhan 2026: आज पूरे दिन पंचक, सुबह का मुहूर्त निकला, दोपहर में कब बांधें राखी?      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      भारत खरीदेगा दुनिया का सबसे खतरनाक एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम 'जैवलिन', क्यों खास है ये अमेरिकी हथियार     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति ब्रेकिंग

संसद में तीखी बहस: नीट विरोध प्रदर्शनों पर गृह मंत्री अमित शाह का विपक्ष को खुला चैलेंज

नीट छात्रों के विरोध प्रदर्शन और संसद में जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को चुनौती दी है कि वे सदन चलने दें और किसी भी सवाल पर लंबी चर्चा करें।

X
Kantap News डेस्क
13 अग 2026, 15:28
संसद में तीखी बहस: नीट विरोध प्रदर्शनों पर गृह मंत्री अमित शाह का विपक्ष को खुला चैलेंज
देश भर में नीट के छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों की गूंज अब संसद के दोनों सदनों में साफ सुनाई दे रही है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त राजनीतिक संघर्ष देखने को मिला है। इस गरमागरम माहौल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें सदन की कार्यवाही बाधित न करने की सलाह दी और किसी भी मुद्दे पर चौबीसों घंटे लंबी और विस्तृत चर्चा करने की खुली पेशकश कर दी। शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े किसी भी सवाल का उत्तर देने के लिए पूरी तरह से तैयार है, बशर्ते विपक्ष सदन को सुचारू रूप से चलने दे और राजनीति से ऊपर उठकर गंभीर संवाद में हिस्सा ले।

विपक्ष की आपत्तियां और सरकार का स्पष्टीकरण

विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार पर यह आरोप लगाया था कि वे छात्रों की समस्याओं और परीक्षा प्रणाली की गंभीर खामियों पर चर्चा करने से भाग रहे हैं, जिसके जवाब में गृह मंत्री ने सदन के पटल पर आकर हर एक सवाल का सिलसिलेवार जवाब देने की बात कही। उन्होंने कहा कि वे खुद सदन में मौजूद रहकर विपक्ष के हर एक आरोप का सामना करने को तैयार हैं और जनता को यह तय करना चाहिए कि कौन सी पार्टी वास्तव में समाधान चाहती है और कौन केवल राजनीतिक रोटियां सेक रही है। इस तीखी बयानबाजी के बाद संसद का राजनीतिक तापमान काफी बढ़ गया है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर पहुंच गया है।

छात्रों के भविष्य पर मंडराते सवाल

इस राजनीतिक घमासान के बीच देश का मेडिकल छात्र समुदाय अपने भविष्य को लेकर गहरी चिंता में डूबा हुआ है, जिन्हें उम्मीद है कि संसद में होने वाली इन बहसों से उनकी समस्याओं का कोई स्थायी समाधान निकलेगा। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए विशेषज्ञ लगातार सुधारों की वकालत कर रहे हैं। राजनेताओं के बीच चल रही इस वाकयुद्ध की लड़ाई से परे, देश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में संसद के इस सत्र में कोई ऐसा ठोस निर्णय लिया जाएगा जो देश के लाखों भावी डॉक्टरों के करियर को एक सुरक्षित और पारदर्शी दिशा प्रदान कर सके।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज