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खेलों को बढ़ावा: मुख्यमंत्री धामी आज करेंगे उत्तराखंड की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का शिलान्यास
उत्तराखंड राज्य में खेलों और खिलाड़ियों के विकास को एक नई दिशा देने के लिए आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी में राज्य की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का भूमि-पूजन और शिलान्यास करेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के अभूतपूर्व अवसर प्राप्त होंगे।
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Ankit Yadav
29 अग 2026, 10:30
उत्तराखंड के खेल प्रेमियों और युवाओं के लिए आज का दिन बेहद खास और ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। राज्य सरकार खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इसी कड़ी में आज एक बहुत बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने निर्धारित कार्यक्रमों के तहत आज हल्द्वानी पहुंचेंगे, जहां वे प्रदेश की पहली खेल यूनिवर्सिटी का औपचारिक रूप से शिलान्यास करेंगे। इस महत्वपूर्ण अवसर पर भूमि-पूजन का कार्यक्रम भी संपन्न किया जाएगा, जिसमें कई गणमान्य लोग और खेल जगत से जुड़ी हस्तियां शामिल हो सकती हैं।
खेल संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
इस नई यूनिवर्सिटी के स्थापना से राज्य के युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा को निखारने का एक बेहतरीन मंच मिलेगा। उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां के युवाओं में प्राकृतिक रूप से शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति कूट-कूट कर भरी होती है। हालांकि, उचित प्रशिक्षण सुविधाओं और उच्च स्तरीय बुनियादी ढांचे के अभाव में कई प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाते थे। इस विश्वविद्यालय के बन जाने से विभिन्न खेलों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र, खेल विज्ञान विभाग और उन्नत तकनीक से लैस स्टेडियम उपलब्ध कराए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल राज्य बल्कि पूरे देश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बेहतरीन एथलीट मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को देश का एक प्रमुख खेल केंद्र बनाना है। इस स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में क्रिकेट, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी और अन्य पारंपरिक तथा आधुनिक खेलों के लिए विशेष पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके अलावा, खेल विज्ञान, खेल मनोविज्ञान और कोचिंग में डिग्री कोर्स भी शुरू किए जाने की योजना है ताकि युवाओं को केवल खिलाड़ी के रूप में ही नहीं, बल्कि खेल प्रबंधन और तकनीक के क्षेत्र में भी रोजगार के बेहतरीन अवसर मिल सकें। स्थानीय स्तर पर इस यूनिवर्सिटी के निर्माण को लेकर युवाओं और खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और लोग इस पहल की सराहना कर रहे हैं।
भूमि-पूजन और शिलान्यास समारोह के बाद इस परियोजना के तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार का लक्ष्य निर्धारित समय सीमा के भीतर इस विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य को पूरा करना है ताकि जल्द से जल्द शैक्षणिक सत्र और खेल प्रशिक्षण का कार्य शुरू किया जा सके। इस संस्थान के शुरू होने से न केवल कुमाऊं क्षेत्र बल्कि पूरे राज्य में आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी एक नई गति मिलने की संभावना है क्योंकि देश-विदेश से खेल विशेषज्ञ, प्रशिक्षक और छात्र यहां अध्ययन और प्रशिक्षण के लिए आएंगे।