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अंतरिक्ष में भारत की छलांग: गगनयान-3 मिशन के लिए इसरो ने क्रू मॉड्यूल का सफल परीक्षण किया

इसरो ने आज श्रीहरिकोटा से गगनयान-3 मिशन के लिए क्रू मॉड्यूल का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

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Kantap News डेस्क
08 अग 2026, 14:01
अंतरिक्ष में भारत की छलांग: गगनयान-3 मिशन के लिए इसरो ने क्रू मॉड्यूल का सफल परीक्षण किया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से गगनयान-3 मिशन के लिए क्रू मॉड्यूल का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। यह मिशन भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण चरण है। वैज्ञानिकों ने मॉड्यूल की मजबूती और पैराशूट सिस्टम की कार्यक्षमता की जांच की। इस परीक्षण के दौरान मॉड्यूल ने पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश के दौरान पैदा होने वाले उच्च तापमान को सफलतापूर्वक झेला। इस सफलता ने भारत के भविष्य के अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत कर दिया है।

तकनीकी विनिर्देश और परीक्षण परीक्षण के दौरान मॉड्यूल को 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक ले जाया गया था। इसके बाद इसे समुद्र में सुरक्षित रूप से उतारा गया। इसरो के अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ ने बताया कि यह परीक्षण भविष्य में होने वाले मानव मिशनों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। मॉड्यूल में आधुनिक सेंसर और लाइफ सपोर्ट सिस्टम लगाए गए हैं जो अंतरिक्ष में यात्रियों को अनुकूल वातावरण प्रदान करेंगे। पिछले सभी परीक्षणों की तुलना में यह काफी अधिक सटीक रहा है और इसमें उपयोग की गई सामग्री पूरी तरह से स्वदेशी है।

अगला चरण और चुनौतियां इस मिशन के अगले चरण में अब मानव रहित रोबोटिक प्रयोगों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसरो की टीम अब मॉड्यूल में लगाए जाने वाले लाइफ सपोर्ट सिस्टम की गहन जांच करेगी। वर्ष 2027 के अंत तक मानव को अंतरिक्ष में भेजने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने भी इस मिशन के लिए अतिरिक्त बजट आवंटित किया है ताकि किसी भी तरह की तकनीकी बाधा न आए। भारत अब उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल होने के करीब है जिनके पास अपनी मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता है।

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