आधुनिक तकनीक और भव्य मंच की पूरी रूपरेखा
इस बार के उत्सव में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई, बड़े आकार की एलईडी स्क्रीन और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों का अनूठा मेल दर्शकों को देखने को मिलेगा। इस विशाल आयोजन को मूर्तरूप देने की जिम्मेदारी विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों ने उठाई थी, जिन्होंने दो महीने की कड़ी मेहनत के बाद इसे तैयार किया है। देश के पांच प्रमुख शहरों यानी दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, मथुरा और वृंदावन से आए विशेषज्ञ कारीगरों ने मिलकर इस सुंदर ढांचे को गढ़ा है। इस पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण वह विशाल मंच है जो 150 फीट की लंबाई में फैला हुआ है। मंच की सबसे अनूठी विशेषता यह है कि इसमें तीन अलग-अलग मंजिलें बनाई गई हैं, जिन पर एक ही समय में विभिन्न कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए नजर आएंगे। पारंपरिक अभिनय के साथ जब आधुनिक तकनीक का यह मेल होगा, तो देखने वालों का अनुभव पूरी तरह से बदल जाएगा और उन्हें एक भव्य दृश्य का अहसास होगा।
फिल्मी कला और त्रिआयामी दृश्यों का अद्भुत प्रदर्शन
उत्सव को अधिक सजीव और वास्तविक बनाने के लिए फिल्म जगत के प्रसिद्ध डिजाइनरों की सेवाओं का उपयोग किया गया है। कलाकारों के लिए विशेष पोशाकें, आभूषण, अस्त्र-शस्त्र और मेकअप सामग्री वही पेशेवर लोग तैयार कर रहे हैं जिन्होंने अतीत में प्रसिद्ध टेलीविजन धारावाहिकों जैसे रामायण और महाभारत के लिए काम किया था। दृश्य को असली जैसा दिखाने के उद्देश्य से तीन आयाम यानी थ्री डी मैपिंग, डीओपी और डिजिटल साउंड सिस्टम का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है। इन तकनीकों के प्रभाव से उपस्थित दर्शकों को ऐसा प्रतीत होगा जैसे सचमुच उनके सामने नदियां बह रही हैं, पक्षी आपस में चहचहा रहे हैं और जंगल के राजा शेर दहाड़ रहे हैं। हवा में होने वाले दृश्यों को फिल्माने के लिए दो बड़ी क्रेनों को मैदान में स्थापित किया गया है। जटायु का युद्ध, सीता हरण और भगवान राम तथा रावण के बीच होने वाले मुख्य मुकाबले हवा में ही दिखाए जाएंगे, जहां आपस में तलवारें टकराने पर चिंगारियां निकलती हुई दिखाई देंगी और बादलों के गरजने जैसी भयंकर आवाजें चारों तरफ गूंज उठेंगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और समिति के प्रबंध
इस विशाल जनसमूह वाले आयोजन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समिति ने बेहद कड़े और चाक-चौबंद प्रबंध किए हैं। आयोजक संस्था के मुखिया अर्जुन कुमार ने तैयारियों से जुड़ी तमाम खास जानकारियों को साझा करते हुए सुरक्षा तंत्र के बारे में बताया। पूरे मैदान के चारों तरफ मजबूत लोहे की ग्रिल और लाल पत्थरों यानी रेड स्टोन से घेराबंदी की गई है ताकि आवाजाही नियंत्रित रहे। दर्शकों के सुगम प्रवेश और निकास के लिए कुल सात अलग-अलग गेट बनाए गए हैं ताकि किसी भी समय भीड़भाड़ या भगदड़ की स्थिति न बने। संपूर्ण परिसर पर पैनी नजर बनाए रखने के लिए दो सौ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव फीड सुरक्षा कर्मियों के पास रहेगी। इसके अलावा हजारों की संख्या में पुलिस के जवान और लगभग दो सौ ब्लैक कमांडो सुरक्षा बल के रूप में तैनात किए जाएंगे। दर्शकों के आने से ठीक पहले और उनके जाने के बाद पूरे मैदान की गहनता से जांच की जाएगी ताकि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक की कोई गुंजाइश न बचे।