दूरसंचार क्षेत्र में बड़ा आंकड़ा हासिल
भारतीय दूरसंचार बाजार में मोबाइल उपभोक्ताओं की कुल संख्या में एक बार फिर से भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालिया सरकारी और उद्योग आंकड़ों के मुताबिक देश भर में सक्रिय मोबाइल कनेक्शनों की तादाद अब 129 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है। इस अवधि के दौरान देश भर में कुल 55 लाख नए ग्राहक इस टेलीकॉम नेटवर्क से जुड़े हैं। यह वृद्धि दर्शाती है कि देश के दूरदराज इलाकों में भी मोबाइल और इंटरनेट की पहुँच तेजी से बढ़ रही है। हर महीने जुड़ने वाले नए ग्राहकों की इस संख्या से दूरसंचार कंपनियों का दायरा भी लगातार विस्तृत हो रहा है। आम नागरिक से लेकर व्यापारिक संस्थानों तक हर कोई मोबाइल सेवाओं का उपयोग कर रहा है। महानगरों से लेकर छोटे गाँवों और कस्बों तक सिम कार्ड की मांग में निरंतर वृद्धि देखने को मिल रही है। इस बड़े मुकाम को हासिल करने के बाद देश का टेलीकॉम सेक्टर दुनिया के सबसे बड़े और तेजी से बढ़ने वाले बाजारों में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत कर चुका है। डिजिटल सेवाओं की बढ़ती अनिवार्यता के चलते इस संख्या में आने वाले महीनों में और अधिक बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
जियो और एयरटेल का रहा मजबूत दबदबा
इस नए विस्तार में प्रमुख निजी दूरसंचार कंपनियों ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शुमार रिलायंस जियो और भारती एयरटेल का इस दौरान सबसे बड़ा डंका बजा है। इन दोनों दिग्गज कंपनियों ने सबसे अधिक संख्या में नए मोबाइल ग्राहकों को अपने नेटवर्क से जोड़ने में सफलता हासिल की है। आकर्षक रिचार्ज प्लान और तीव्र गति की इंटरनेट सेवाओं के कारण ग्राहकों का झुकाव इन्हीं कंपनियों की तरफ अधिक देखा जा रहा है। देश के विभिन्न टेलीकॉम सर्किलों में इन ऑपरेटरों ने अपने नेटवर्क कवरेज को और अधिक सुदृढ़ किया है। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में अन्य कंपनियों की तुलना में जियो और एयरटेल ने बाजार की बड़ी हिस्सेदारी पर अपना कब्जा जमाया है। कंपनियों द्वारा पेश की जा रही विशेष योजनाओं और डेटा पैक्स का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ता बड़ी संख्या में इनके साथ जुड़ रहे हैं। उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि इन दोनों कंपनियों की आक्रामक रणनीतियों के कारण ही इतनी बड़ी संख्या में नए ग्राहक जुड़े हैं। ग्राहकों की संतुष्टि और बेहतर नेटवर्क कनेक्टिविटी के दम पर इन ऑपरेटरों ने अपनी स्थिति को बाजार में शीर्ष पर बनाए रखा है। आने वाले समय में भी इस प्रतिस्पर्धी माहौल का सीधा फायदा आम मोबाइल उपभोक्ताओं को मिलने की पूरी उम्मीद है।
बढ़ते डिजिटल नेटवर्क की पृष्ठभूमि और महत्व
देश में मोबाइल उपयोगकर्ताओं की संख्या 129 करोड़ के पार जाना भारतीय अर्थव्यवस्था और डिजिटलीकरण के लिए एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। पृष्ठभूमि के तौर पर देखें तो पिछले कुछ वर्षों में देश के भीतर इंटरनेट डेटा की कीमतों में भारी कमी आई है। इसके अलावा स्मार्टफोन की आसान उपलब्धता और सरकारी डिजिटल पहलों ने आम आदमी के जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और मनोरंजन जैसी तमाम बुनियादी जरूरतें आज मोबाइल फोन के जरिए ही पूरी की जा रही हैं। यही वजह है कि देश के कोने-कोने में मोबाइल कनेक्शन की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती चली जा रही है। इस सेक्टर के विस्तार से देश के भीतर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता का स्तर भी काफी तेजी से ऊपर उठ रहा है। सरकार की ओर से टेलीकॉम बुनियादी ढाचे को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि कनेक्टिविटी में कोई बाधा न आए। आने वाले समय में यह मजबूत टेलीकॉम नेटवर्क देश को डिजिटल रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और निर्णायक कदम साबित होगा।