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सेमीकंडक्टर नीति: एडवर्ब के मुख्य रणनीति अधिकारी अंकुर यादव ने भारत में नई तकनीक और ह्यूमनॉइड रोबोट पर दिया जोर

एडवर्ब के चीफ स्ट्रेटजी ऑफिसर अंकुर यादव ने भारत में सेमीकंडक्टर के कार्यान्वयन और ह्यूमनॉइड रोबोट्स पर विशेष जोर दिया है। एक खास बातचीत में उन्होंने देश की तकनीकी प्रगति पर अपने विचार साझा किए।

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Ankit Yadav
18 सित 2026, 11:37
सेमीकंडक्टर नीति: एडवर्ब के मुख्य रणनीति अधिकारी अंकुर यादव ने भारत में नई तकनीक और ह्यूमनॉइड रोबोट पर दिया जोर
भारतीय प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्र में इन दिनों अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने की होड़ मची हुई है। इसी कड़ी में एडवर्ब के चीफ स्ट्रेटजी ऑफिसर अंकुर यादव ने एक विशेष बातचीत के दौरान देश के तकनीकी भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सेमीकंडक्टर का जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन और उत्पादन बेहद आवश्यक है। आज के समय में तकनीक केवल विलासिता नहीं बल्कि देश की रीढ़ बनती जा रही है।

ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स और भविष्य की चुनौतियां

अंकुर यादव ने बातचीत के दौरान ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स पर विशेष फोकस करने की बात कही। उनका मानना है कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स का मेल उद्योगों की कार्यशैली को पूरी तरह बदलकर रख देगा। भारत जैसे विशाल बाजार में जहां पारंपरिक विनिर्माण अपनी जगह बना रहा है, वहीं नई तकनीकों को समय रहते अपनाना ही वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिके रहने का एकमात्र उपाय है। एडवर्ब जैसी कंपनियां लगातार इस दिशा में काम कर रही हैं ताकि देश में रोबोटिक्स सॉल्यूशंस का दायरा बढ़ाया जा सके।

उत्तर प्रदेश और लखनऊ का बढ़ता तकनीकी महत्व

देश के अन्य हिस्सों की तरह उत्तर प्रदेश में भी तकनीकी निवेश और स्टार्टअप्स को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। विशेष रूप से लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकी हब विकसित करने की दिशा में जो प्रयास हो रहे हैं, वे सराहनीय हैं। राज्य सरकारें चाहती हैं कि सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और एडवांस रोबोटिक्स से जुड़े प्रोजेक्ट्स जमीनी स्तर पर उतरें, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हों। अंकुर यादव के इस बयान का असर उत्तर प्रदेश के औद्योगिक गलियारों पर भी साफ तौर पर देखा जा रहा है, जहां तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर और रोबोटिक्स का पावरहाउस बनना है, तो नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के दिग्गजों को मिलकर काम करना होगा। सप्लाई चेन को मजबूत करने के साथ-साथ घरेलू स्तर पर अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) पर निवेश बढ़ाना जरूरी है। एडवर्ब के मुख्य रणनीति अधिकारी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश नई औद्योगिक क्रांति की दहलीज पर खड़ा है। आने वाले दिनों में देखना यह होगा कि इस दिशा में उठाए जाने वाले कदम कितनी तेजी से धरातल पर उतरते हैं और देश को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करते हैं।
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