कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
शी जिनपिंग के दौरे की चीन पुष्टि क्यों नहीं कर रहा, क्या भारत ने अपनी अहम मांग छोड़ दी      भारत-रूस के बीच Su-57 फाइटर जेट डील संभव: पुतिन BRICS समिट के लिए दिल्ली पहुंचे; 2016 की गोवा समिट में S-40...      अपना ही 'उसूल' भूलीं मायावती, BSP में बढ़ी बहनजी की वंशबेल; अब छोटे भतीजे को भी कराई एंट्री      हूती विद्रोहियों ने रेड सी में मोखा पोर्ट पर किया क़ब्ज़ा- रिपोर्ट, सऊदी अरब के लिए बड़ा झटका      BRICS Summit: भारत आएंगे पेजेश्कियन तो एयरस्पेस में कितना खतरा? रूस-चीन से ज्यादा ईरान के प्लेन पर नजर      500 छात्र लापता, 31 टीचरों का नहीं मिल रहा सुराग... नेपाल बाढ़ के बाद स्कूलों में पसरा सन्नाटा      BRICS समिट पर कांग्रेस में मतभेद: चिदंबरम ने पूछा- देश को क्या मिला; थरूर बोले- 11 देश के नेताओं को एक मंच ...      चलती मुंबई लोकल से गिरी महिला, खचाखच भरी ट्रेन का वीडियो देख सुरक्षा उठे पर सवाल     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
टेक्नोलॉजी

तकनीकी शिक्षा: दो सौ से अधिक बच्चों ने खुद रोबोट और एआई ड्रोन तकनीक को समझा

लखनऊ सहित विभिन्न क्षेत्रों में बच्चों के लिए आधुनिक तकनीकी कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें दो सौ से अधिक बच्चों ने रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को बेहद करीब से अनुभव किया।

A
Ankit Yadav
11 सित 2026, 12:50
तकनीकी शिक्षा: दो सौ से अधिक बच्चों ने खुद रोबोट और एआई ड्रोन तकनीक को समझा
हाल ही में आयोजित एक विशेष शिक्षण कार्यक्रम के दौरान युवा विद्यार्थियों में विज्ञान और आधुनिक तकनीक के प्रति जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इस अनूठी पहल में दो सौ से ज्यादा बच्चों ने भाग लिया और अपनी किताबों से बाहर निकलकर असल दुनिया की तकनीकों का अनुभव किया। बच्चों ने न केवल रोबोट और ड्रोन की कार्यप्रणाली को देखा, बल्कि अपने हाथों से उनका संचालन करके यह भी समझा कि ये मशीनें किस प्रकार से काम करती हैं। इस प्रकार के आयोजन आज के दौर में स्कूली शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, जिससे छात्रों की जिज्ञासा और रचनात्मकता दोनों को सही दिशा मिलती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बारीकियों से रूबरू हुए विद्यार्थी

भविष्य की तकनीक कहे जाने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के विभिन्न पहलुओं को भी इस कार्यक्रम में बेहद सरल तरीके से समझाया गया। विशेषज्ञों ने बच्चों को कोडिंग, रोबोटिक मूवमेंट और ड्रोन नेविगेशन के बुनियादी सिद्धांतों के बारे में जानकारी दी। छात्रों ने बड़े ही कौतूहल के साथ इन जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझा और अपने कई सवालों के जवाब भी विशेषज्ञों से प्राप्त किए। लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में इस तरह के आयोजनों से बच्चों में तकनीकी क्षेत्र के प्रति रुझान लगातार बढ़ रहा है, जो आने वाले समय में उन्हें आधुनिक युग के लिए तैयार करने में मददगार साबित होगा। विशेषज्ञों और आयोजकों का मानना है कि छोटी उम्र में ही बच्चों को प्रैक्टिकल लर्निंग या प्रायोगिक शिक्षा से जोड़ने से उनके वैचारिक विकास पर गहरा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। किताबी ज्ञान के अलावा जब छात्र खुद मशीनों और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग का इस्तेमाल करते हैं, तो उनकी समस्या-समाधान की क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार होता है। इस कार्यशाला में उपस्थित अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करते हैं। आने वाले दिनों में इस तरह के और भी तकनीकी शिविर आयोजित किए जाने की योजना है ताकि अधिक से अधिक छात्रों तक इस प्रकार की आधुनिक शिक्षा पहुंच सके। तकनीक के लगातार बदलते स्वरूप को देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि युवा पीढ़ी को शुरुआती दौर से ही डिजिटल और एआई साक्षरता से जोड़ा जाए। इस सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि यदि बच्चों को सही मंच और मार्गदर्शन मिले, तो वे आधुनिक तकनीकों को बहुत ही कम समय में आसानी से सीख सकते हैं और अपनी छिपी हुई प्रतिभा को निखार सकते हैं।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज