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आर्थिक कड़े प्रहार: रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने तीस हजार प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए कहा अर्थव्यवस्था वैश्विक वृद्धि से आगे
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने देश पर लगाए गए भारी-भरकम प्रतिबंधों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने दावा किया है कि तमाम बाधाओं के बावजूद उनकी अर्थव्यवस्था वैश्विक वृद्धि दर से भी तेज गति से आगे बढ़ रही है।
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Ankit Yadav
12 सित 2026, 12:08
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में अपने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की तीखी आलोचना की है। पुतिन के अनुसार, मास्को पर अब तक तीस हजार से अधिक विभिन्न प्रकार की पाबंदियां थोपी जा चुकी हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य देश के वित्तीय ढांचे को कमजोर करना था। हालांकि, उनका कहना है कि इन तमाम बाधाओं और कड़े दबावों के बावजूद घरेलू बाजार और आर्थिक नीतियां मजबूती के साथ खड़ी हुई हैं और बेहतर परिणाम दे रही हैं।
वैश्विक मोर्चे पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा
अपने संबोधन में रूसी राष्ट्रपति ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि मौजूदा आर्थिक आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि उनकी विकास दर दुनिया के कई बड़े देशों की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन कर रही है। वैश्विक औसत रफ्तार को पीछे छोड़ते हुए रूसी बाजार ने अपनी आंतरिक क्षमताओं के दम पर तमाम विपरीत परिस्थितियों का डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकार के दंडात्मक उपायों का विपरीत असर उन देशों पर भी पड़ रहा है जिन्होंने इन्हें लागू किया था। ऊर्जा क्षेत्र, घरेलू उत्पादन और रणनीतिक व्यापारिक साझेदारियों में आए बदलावों ने रूस को पश्चिमी देशों की आर्थिक घेराबंदी से काफी हद तक सुरक्षित कर लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कड़े प्रतिबंधों के लंबे समय तक चलने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली पर गहरा असर पड़ता है। पश्चिमी देशों ने यूक्रेन संघर्ष के बाद से रूस पर लगातार आर्थिक शिकंजा कसने का प्रयास किया है, जिसके तहत बैंकिंग क्षेत्र, ऊर्जा निर्यात और तकनीकी आपूर्ति पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे। इसके बावजूद, मॉस्को ने एशिया और अन्य मित्र देशों के साथ नए व्यापारिक रिश्ते स्थापित करके अपनी स्थिति को मजबूत करने में सफलता हासिल की है। पुतिन के इस ताजा बयान से यह साफ जाहिर होता है कि रूस आने वाले समय में भी अपनी आर्थिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं पर पूरी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ता रहेगा।
आगामी महीनों में वैश्विक बाजार की निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि रूस अपनी इस विकास गति को किस प्रकार बनाए रखता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और अन्य वित्तीय संस्थाएं भी रूस की इन आर्थिक चालों का बारीकी से अध्ययन कर रही हैं। भले ही प्रतिबंधों की संख्या तीस हजार का आंकड़ा पार कर चुकी हो, लेकिन रूसी नेतृत्व का यह आत्मविश्वास यह संकेत देता है कि वे बाहरी दबावों के आगे झुकने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं और देश की आंतरिक व्यवस्थाओं को और अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रहे हैं।