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अक्सर शोक: भारत के पूर्व नेपाली राजदूत हर्ष नारायण धौबाडेल का 91 वर्ष की आयु में निधन

भारत में नेपाल के पूर्व राजदूत और वरिष्ठ राजनेता हर्ष नारायण धौबाडेल का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया है, जिससे कूटनीतिक और राजनीतिक क्षेत्रों में गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

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Kantap News डेस्क
17 अग 2026, 12:10
अक्सर शोक: भारत के पूर्व नेपाली राजदूत हर्ष नारायण धौबाडेल का 91 वर्ष की आयु में निधन
नेपाल और भारत के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पूर्व राजदूत हर्ष नारायण धौबाडेल ने अंतिम सांस ली है। उनके निधन की खबर मिलते ही दोनों देशों के राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में शोक की भावना फैल गई। अपने लंबे और प्रतिष्ठित करियर के दौरान धौबाडेल ने भारत में नेपाल के राजदूत के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं, जिसके दौरान दोनों पड़ोसी देशों के बीच सांस्कृतिक और राजनीतिक संवाद को नई दिशा मिली थी। उनके परिवार और करीबी सूत्रों ने उनके निधन की पुष्टि की, जिसके बाद विभिन्न नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने हमेशा भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक बंधनों को सहेजने और आगे बढ़ाने का कार्य किया, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा।

भारत-नेपाल संबंधों के सच्चे प्रहरीज

नारायण धौबाडेल का कार्यकाल दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को गहरा करने के लिए जाना जाता है। जब वे दिल्ली में राजदूत के पद पर कार्यरत थे, तब उन्होंने कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों सरकारों के बीच संवाद बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके सहयोगियों का कहना है कि वे एक दूरदर्शी राजनेता थे जो हमेशा क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के पक्षधर रहे। नेपाल की राजनीति और विदेश सेवा में उनके योगदान को हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उनके जाने से एक ऐसा शून्य पैदा हुआ है जिसे भरना आसान नहीं होगा। दोनों देशों के नागरिकों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

कूटनीतिक विरासत और शोक संदेश

नेपाल के कई वरिष्ठ नेताओं, राजनयिकों और भारत के कूटनीतिक अधिकारियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके द्वारा स्थापित किए गए कूटनीतिक मूल्य आने वाली पीढ़ियों के राजनयिकों के लिए मार्गदर्शन का काम करेंगे। शोक व्यक्त करने वालों में कई पूर्व राजदूत और मंत्री शामिल रहे जिन्होंने धौबाडेल के साथ मिलकर काम किया था। उनके अंतिम संस्कार के दौरान राजकीय सम्मान के साथ उन्हें विदाई दी गई। उनकी याद में आयोजित होने वाले स्मरण कार्यक्रमों में उनके द्वारा भारत और नेपाल संबंधों के लिए किए गए कार्यों को विशेष रूप से याद किया जाएगा।
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