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विदेश ब्रेकिंग

भीषण आपदा: गिनी की राजधानी में भारी बारिश और भूस्खलन से 30 लोगों की मौत

गिनी की राजधानी में मूसलाधार बारिश के बाद हुए भयानक भूस्खलन की चपेट में आने से कम से कम 30 लोगों की जान चली गई है, जिससे पूरे इलाके में शोक और अफरा-तफरी का माहौल है।

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Ankit Yadav
24 अग 2026, 12:45
भीषण आपदा: गिनी की राजधानी में भारी बारिश और भूस्खलन से 30 लोगों की मौत
अफ्रीकी देश गिनी की राजधानी में प्रकृति का ऐसा भयंकर रूप देखने को मिला है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण वहां के रिहायशी इलाकों और पहाड़ी हिस्सों में हालात बेकाबू हो गए थे। लगातार हो रही बारिश के चलते अचानक हुए भीषण भूस्खलन ने कई मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 30 लोगों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि सामने आ रही है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों के लिए यह स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी

आपदा की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने फौरन मोर्चा संभाल लिया। प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत कर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि, लगातार हो रही बारिश और कीचड़ भरे रास्तों के कारण बचाव कार्यों में भारी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। आपातकालीन चिकित्सा दलों को भी मौके पर तैनात कर दिया गया है ताकि घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया जा सके और उन्हें नजदीकी अस्पतालों तक पहुंचाया जा सके। मौसम विभाग के अनुसार इस क्षेत्र में मानसून के दौरान अक्सर इस तरह की गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं। भौगोलिक बनावट और अनियोजित शहरीकरण के कारण ऐसे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है। भारी बारिश के पूर्वानुमान के बावजूद इस बार का जलप्रलय इतना अचानक और प्रचंड था कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार पानी का तेज बहाव अपने साथ सब कुछ बहाकर ले गया, जिससे बस्तियों में भारी तबाही मची है।

प्रशासन की अपील और आगे की स्थिति

गिनी सरकार और जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों के आसपास रहने वाले नागरिकों को पूरी तरह सतर्क रहने की हिदायत दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और जोखिम भरे क्षेत्रों में जाने से बचें। प्रशासन संभावित खतरों को देखते हुए राहत शिविरों की व्यवस्था कर रहा है ताकि बेघर हुए लोगों को शरण दी जा सके। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मानवीय त्रासदी पर दुख व्यक्त किया जा रहा है और स्थिति सामान्य होने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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