एविऐशन सेक्टर से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है जहाँ एअर इंडिया के एक विमान को उड़ान के दौरान अप्रत्याशित रूप से गंभीर वायुमंडलीय उथल-पुथल या तकनीकी खामੀ का सामना करना पड़ा। विमान जब आसमान में अपनी तय ऊंचाई पर उड़ रहा था, तब अचानक वह महज़ कुछ ही पलों में लगभग 300 मीटर नीचे गोता खा गया। इस अचानक हुई हलचल से विमान के भीतर चीख-पुकार मच गई और जो यात्री सीट बेल्ट बांधे नहीं थे, वे उछलकर छत या सीटों से जा टकराए। इस दुर्घटना में कुल 17 यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें विमान के उतरते ही तुरंत हवाई अड्डे पर मेडिकल सहायता प्रदान की गई।
सुरक्षा व्यवस्था और नियामक एजेंसियों की जांच इस घटना के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और एअर इंडिया प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक तकनीकी आकलन में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह घटना अचानक आए किसी गंभीर एयर पॉकेट (हवा के खाली क्षेत्र) की वजह से हुई या फिर विमान के नियंत्रण तंत्र में कोई तकनीकी खामी आ गई थी। यात्रियों ने बताया कि वह अनुभव बेहद डरावना था और लगा मानो विमान का नियंत्रण पूरी तरह समाप्त हो गया हो। चालक दल के सदस्यों ने हालांकि अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए स्थिति को संभाला और विमान को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया।
यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइंस की जवाबदेही घायल यात्रियों का नजदीकी अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें से अधिकांश को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि कुछ की हालत पर अभी भी डॉक्टरों की टीम नजर बनाए हुए है। इस हादसे ने एक बार फिर से विमान यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों, विशेष तौर पर 'सीट बेल्ट' को लगातार बांधे रखने के महत्व को रेखांकित किया है। एअर इंडिया ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर खेद जताते हुए प्रभावित यात्रियों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता और मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।