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राफेल विवाद: भारत के साथ 114 विमानों के महासौदे पर फ्रांस की जिद से संकट

भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों की बहुप्रतीक्षित बड़ी रक्षा डील तकनीकी और रणनीतिक कारणों से गंभीर गतिरोध में फंस गई है।

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Kantap News डेस्क
12 अग 2026, 16:09
राफेल विवाद: भारत के साथ 114 विमानों के महासौदे पर फ्रांस की जिद से संकट
भारतीय वायुसेना की ताकत को और बढ़ाने के लिए प्रस्तावित 114 राफेल फाइटर जेट्स की खरीद प्रक्रिया में एक बड़ा पेंच सामने आ गया है। इस मेगा डिफेंस डील को लेकर भारत और फ्रांस के बीच वार्ताओं का दौर जारी है, लेकिन फ्रांस का अड़ियल रवैया इस पूरी योजना के भविष्य पर सवालिया निशान लगा रहा है। दिल्ली इस बात पर पूरी तरह से अड़ी हुई है कि रक्षा सौदे के तहत विमानों का सोर्स कोड उसे सौंपा जाए, जिसे लेकर फ्रांसीसी पक्ष अपनी अनिच्छा दिखा रहा है।

सोर्स कोड को लेकर भारत का कड़ा रुख

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में भारत सरकार किसी भी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्धक विमानों के संचालन, स्वदेशी हथियारों के एकीकरण और भविष्य के रखरखाव के लिए सोर्स कोड तक पूरी पहुंच होना अत्यंत आवश्यक है। भारत की सख्त स्थिति यह है कि बिना सोर्स कोड ट्रांसफर के इस विशाल अनुबंध को आगे बढ़ाना संभव नहीं होगा, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और रक्षा स्तर पर चर्चाएं जटिल होती जा रही हैं। यदि फ्रांसीसी रक्षा कंपनियां अपनी पारंपरिक नीतियों में लचीलापन नहीं लाती हैं, तो यह ऐतिहासिक समझौता रद्द भी हो सकता है। भारत ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के तहत रक्षा उपकरणों के मामले में घरेलू संप्रभुता सर्वोपरि है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या फ्रांस अपनी जिद्द छोड़कर भारत की शर्तों को स्वीकार करता है या फिर यह अरबों डॉलर का सौदा किसी अन्य विकल्प की तलाश में बदल जाता है।
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