पूर्वी भूमध्यसागर में स्थित द्वीप देश साइप्रस के राजनीतिक विभाजन को समाप्त करने और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने नई पहल शुरू की है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ग्रीक साइप्रस और टर्किश साइप्रस समुदायों के नेतृत्व को आपस में भरोसा बहाल करने और नए दौर की औपचारिक वार्ता में भाग लेने का निमंत्रण भेजा है। वर्षों से ठप्प पड़ी शांति प्रक्रिया को दोबारा पटरी पर लाना इस कूटनीतिक प्रयास का मुख्य उद्देश्य है।
उल्लेखनीय है कि 1974 के बाद से साइप्रस द्वीप दो भागों में बंटा हुआ है, जहां दक्षिणी हिस्सा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ग्रीक साइप्रस सरकार के अधीन है, जबकि उत्तरी हिस्से पर टर्किश साइप्रियाई प्रशासन का नियंत्रण है। संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने बार-बार एक द्विसमुदायिक और द्विआंचलिक महासंघ (Bi-zonal Federation) के निर्माण का समर्थन किया है। गुटेरेस ने स्पष्ट किया कि वर्तमान भू-राजनीतिक अस्थिरता के दौर में दोनों पक्षों को ऐतिहासिक मतभेदों को भुलाकर समझौते का मार्ग अपनाना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय और यूरोपीय संघ ने संयुक्त राष्ट्र की इस नई शांति पहल का स्वागत किया है। यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि साइप्रस समस्या का शांतिपूर्ण समाधान न केवल द्वीप के निवासियों के लिए आर्थिक समृद्धि लाएगा, बल्कि पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को भी मजबूत करेगा। आगामी हफ्तों में जिनेवा में प्रस्तावित इस उच्चस्तरीय बैठक पर दुनिया भर के कूटनीतिज्ञों की नजरें टिकी हुई हैं।