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वैश्विक राजनीति का नया मोड़: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में स्थायी सदस्यता विस्तार पर आम सहमति

न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक विशेष बैठक में स्थायी सदस्यता के विस्तार पर चर्चा ने एक नया मोड़ ले लिया है।

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Kantap News डेस्क
05 अग 2026, 13:18
वैश्विक राजनीति का नया मोड़: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में स्थायी सदस्यता विस्तार पर आम सहमति

न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक विशेष बैठक में स्थायी सदस्यता के विस्तार पर चर्चा ने एक नया मोड़ ले लिया है। लंबे समय से चल रही बहस के बाद, अब कई सदस्य देश इस बात पर सहमत हुए हैं कि सुरक्षा परिषद के ढांचे को आधुनिक वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप बदलना अनिवार्य है। यह बैठक भू-राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि कई दशकों से इसमें सुधार की मांग की जा रही थी।

विस्तार के लिए प्रस्तावित मानदंड प्रस्तावित परिवर्तनों में विकासशील देशों और उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया गया है। भारत, ब्राजील और जर्मनी जैसे देशों ने अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। राजनयिकों का कहना है कि सुरक्षा परिषद का वर्तमान स्वरूप 1945 के दौर को दर्शाता है, जिसे अब 21वीं सदी के हिसाब से नया रूप देने की जरूरत है। इस पर अगले महीने और भी विस्तृत चर्चा की जाएगी जहां सदस्य देश अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करेंगे।

विपक्षी दलों और देशों की आपत्तियां हालांकि, कुछ देश अभी भी वीटो पावर के मुद्दे पर उलझे हुए हैं और वे नहीं चाहते कि यह व्यवस्था बदले। चीन और कुछ अन्य देशों ने प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की है, जिससे सुधार की प्रक्रिया थोड़ी धीमी पड़ सकती है। फिर भी, अधिकांश विश्व नेताओं का मानना है कि वैश्विक शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाना ही एकमात्र रास्ता है, जिससे भविष्य में बड़े संघर्षों को रोका जा सके।

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