रेवाड़ी के 15 गांवों में ओलावृष्टि
हरियाणा के दक्षिणी हिस्से में स्थित रेवाड़ी जिले के करीब 15 ग्रामीण इलाकों में अचानक मौसम ने करवट ली और मूसलाधार बारिश के साथ ओले गिरे। यह घटना 24 अक्टूबर को दर्ज की गई, जिसने स्थानीय निवासियों और किसानों को पूरी तरह हैरान कर दिया। जिन गांवों में ओलावृष्टि की मार पड़ी है, उनमें मुख्य रूप से कोसली, सादतनगर, कान्हड़वास, जुड्डी, झाल, बेरली, रामगढ़, और भगवानपुर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। आंधी के साथ हुई इस वर्षा का दौर लगभग आधे घंटे तक जारी रहा, जिसके परिणामस्वरूप सड़कों और खेतों में पानी जमा हो गया और वातावरण में अचानक ठंडक बढ़ गई। ओले गिरने की घटना से धान की तैयार खड़ी फसल और अन्य कृषि उत्पादों को भारी क्षति हुई है। इस मौसमी बदलाव के कारण किसानों में अपनी फसल को लेकर चिंता देखी जा रही है। अचानक हुई ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और शाम के वक्त बारिश के कारण स्थानीय मंडियों में भी भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए थे, जिससे व्यापारियों और किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कृषि और मौसम विभाग का आकलन
मौसम में आए इस उतार-चढ़ाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिणी हरियाणा पर सक्रिय चक्रवातीय सर्कुलेशन को मुख्य कारण माना जा रहा है। कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ अनिल कुमार ने घटनाक्रम का विश्लेषण करते हुए स्पष्ट किया है कि इस अप्रत्याशित वर्षा से बहुत अधिक विनाश की संभावना कम है। हालांकि, जो किसान हाल ही में सरसों की बिजाई कर चुके हैं, उनकी फसलों पर इस ओलावृष्टि का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि जिन खेतों में एक-दो दिन पहले ही बुवाई का कार्य संपन्न हुआ था, वहां बीजों के अंकुरण में समस्याएं आ सकती हैं। इसके विपरीत, कई किसान अभी भी सरसों की बिजाई की तैयारी ही कर रहे थे, जिन्हें इस बारिश से उतनी अधिक हानि नहीं हुई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह मौसमी बदलाव केवल एक अस्थायी चरण है जो अल्पकालिक प्रभाव डालता है। हालांकि, तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि ने कृषि क्षेत्र के कामकाज पर सीधा नकारात्मक असर डाला है, जिसके कारण विभाग स्थिति पर अपनी नजर बनाए हुए है।
आगामी दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान
हिसार स्थित चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के नवीनतम बुलेटिन के मुताबिक, आने वाले दो दिनों तक राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण 24 अक्टूबर की रात से ही हवाओं की दिशा और गति में परिवर्तन की प्रबल संभावनाएं बनी हुई हैं। 25 और 26 अक्टूबर को प्रदेश का मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने की उम्मीद है, जिसमें कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद, 26 अक्टूबर के उपरांत मौसम के शुष्क होने का पूर्वानुमान है, जिसके दौरान हल्की से मध्यम गति की हवाएं चलती रहेंगी। तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस होगी। हालांकि, रात के तापमान में भी थोड़ी बढ़ोतरी होने के संकेत दिए गए हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे विभाग द्वारा दी जा रही मौसम संबंधी जानकारी को ध्यान में रखते हुए ही अपनी आगामी कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं ताकि किसी भी संभावित नुकसान को कम किया जा सके।