सोने चांदी के ताजा दाम में गिरावट
विभिन्न शहरों के बाजारों में 23 अक्टूबर 2026 को कीमती धातुओं के दाम कम हुए हैं। घरेलू स्तर पर कारोबार के दौरान सोने की अलग-अलग श्रेणियों में प्रति दस ग्राम दस रुपये की हल्की कमी देखी गई है। इसी प्रकार चांदी के मूल्य में भी प्रति किलोग्राम सौ रुपये की कमी हुई है जिससे यह धातु कुछ सस्ती हो गई है। लखनऊ और दिल्ली के बाजारों में चौबीस कैरेट सोने का दस ग्राम का मूल्य एक लाख छियालीस हजार दो सौ बीस रुपये चल रहा है। मुंबई और कोलकाता के सर्राफा बाजारों में यही शुद्धता वाला सोना एक लाख छियालीस हजार सत्तर रुपये प्रति दस ग्राम बिक रहा है। खरीदार अमूमन बाइस कैरेट सोने का चयन गहने तैयार करवाने के लिए करते हैं जिसका भाव भी अलग-अलग केंद्रों पर संशोधित हुआ है। लखनऊ तथा दिल्ली में बाइस कैरेट सोने का प्रति दस ग्राम भाव एक लाख चौंतीस हजार चालीस रुपये दर्ज किया गया है। पटना, रांची और अहमदाबाद के बाजारों में चौबीस कैरेट सोने का दस ग्राम मूल्य एक लाख छियालीस हजार एक सौ बीस रुपये तय किया गया है। जयपुर में भी चौबीस कैरेट सोने का दस ग्राम का भाव एक लाख छियालीस हजार दो सौ बीस रुपये बोला जा रहा है। मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु में बाइस कैरेट सोने की दस ग्राम की कीमत एक लाख तेंतीस हजार आठ सौ नब्बे रुपये मापी गई है। चेन्नई में अठारह कैरेट सोने का दस ग्राम का मूल्य एक लाख नौ हजार छह सौ नब्बे रुपये आंका गया है। इन सभी स्थानों पर खरीदारी करने से पहले स्थानीय बाजार के ज्वेलर से पुख्ता कीमत की जानकारी प्राप्त करना खरीदारों के लिए आवश्यक रहता है।
चांदी की दरों में बदलाव और बाजार स्थिति
पीली धातु के साथ सफेद धातु के भाव में भी कमी आई है जो बाजार के स्थिर रहने के बाद सामने आई है। छह दिनों तक लगातार एक समान स्तर पर टिके रहने के बाद चांदी के मूल्य में प्रति किलोग्राम सौ रुपये की कटौती हुई है। इसके परिणामस्वरूप अब खुदरा बाजार में चांदी का एक किलो का भाव घटकर दो लाख उन्नतीस हजार नौ सौ रुपये पर आ गया है। लखनऊ, पटना, रांची, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, जयपुर और अहमदाबाद के बाजारों में चांदी की यही एक समान दर लागू है। पंद्रह अक्टूबर को चांदी के दामों में पांच हजार रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी जिसका असर बाजार पर देखा गया था। आभूषण निर्माताओं और दुकानदारों के मुताबिक इन निर्धारित दरों के अलावा ग्राहकों को मेकिंग चार्ज तथा करों का भुगतान अलग से करना पड़ सकता है। सोने और चांदी के रोजाना तय होने वाले इन दामों पर मुद्रा विनिमय दर, वैश्विक बाजार के संकेत और मांग जैसे कई महत्वपूर्ण पहलू असर डालते हैं। इसलिए इन छोटे उतार-चढ़ाव को बाजार में लगातार गिरावट का स्थायी रुख नहीं माना जाना चाहिए। खरीदारी करते समय ग्राहकों को आभूषण की हॉलमार्क मुहर, उसकी शुद्धता, दुकान का पक्का बिल और मजदूरी शुल्क की पूरी जांच करनी चाहिए। बाजार में उपलब्ध इन दरों का उद्देश्य ग्राहकों को सही दिशा देना है ताकि वे अपने बजट के अनुसार आभूषणों की खरीदारी सुगमता से पूरी कर सकें।
त्योहारी सीजन और पूर्व की बड़ी गिरावट
विवाह समारोहों और मेल-जोल के इस प्रमुख सीजन में ग्राहक सोने और चांदी की खरीदारी की योजना बना रहे हैं। ऐसे समय में दरों का थोड़ा नीचे आना उन लोगों के लिए मददगार साबित हो सकता है जो लंबे समय से गहने बनवाने की सोच रहे थे। इस ताज़ा नरमी से पहले बीस अक्टूबर को भी सोने के दामों में एक बड़ी और भारी गिरावट आई थी। उस विशेष दिन पर बाजार में चौबीस कैरेट सोना प्रति दस ग्राम एक हजार नौ सौ साठ रुपये सस्ता हुआ था। इसके साथ ही बाइस कैरेट सोने के मूल्य में भी बीस अक्टूबर को एक हजार आठ सौ रुपये प्रति दस ग्राम की बड़ी कमी दर्ज की गई थी। इन बड़े उतार-चढ़ाव के बाद अब तेईस अक्टूबर को आई मामूली गिरावट ने बाजार में फिर से हलचल पैदा कर दी है। जानकारों का सुझाव है कि केवल सतही गिरावट को देखकर जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहिए बल्कि अंतरराष्ट्रीय संकेतों को भी समझना चाहिए। देश के विभिन्न महानगरों और क्षेत्रीय केंद्रों पर इन धातुओं के वास्तविक मूल्यों में हल्का अंतर मिल सकता है जो स्थानीय करों पर निर्भर करता है। ग्राहकों को हमेशा अपने शहर के प्रमाणित सर्राफा व्यापारियों से संपर्क करके ही अंतिम लेनदेन करना चाहिए ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।