Lucknow Desk : कैंट थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में बाथरूम के अंदर मोबाइल कैमरा ऑन करके रखे जाने का मामला सामने आया है। एक छात्रा ने बाथरूम में टीन शेड के बीच छिपा एंड्रॉयड मोबाइल देखा, जिसका कैमरा टॉयलेट की ओर था। मोबाइल की जांच के दौरान उसमें छात्राओं के वीडियो मिलने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद हॉस्टल में हड़कंप मच गया और छात्राओं ने पुलिस को सूचना दी। मामले में छात्राओं की शिकायत के आधार पर कैंट पुलिस ने हॉस्टल की वार्डन आरती सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। बाथरूम में मिला कैमरा ऑन मोबाइल जानकारी के मुताबिक, मोहद्दीपुर स्थित उत्तम गर्ल्स हॉस्टल में करीब 20 कमरों में 26 छात्राएं रहती हैं। इनमें विभिन्न कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाली छात्राएं भी शामिल हैं। बताया गया कि 8 सितंबर की रात एक छात्रा बाथरूम गई थी।
इसी दौरान उसकी नजर टीन शेड में छिपे एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन पर पड़ी। आरोप है कि मोबाइल का कैमरा ऑन था और उसका रुख बाथरूम की ओर किया गया था। मोबाइल मिलने के बाद छात्रा ने उसका वीडियो बनाया और हॉस्टल की अन्य छात्राओं को घटना की जानकारी दी। इसके बाद छात्राओं ने मोबाइल की जांच की, जिसमें बाथरूम में छात्राओं की रिकॉर्डिंग मिलने का आरोप सामने आया। छात्राओं ने पुलिस को दी सूचना मामला सामने आने के बाद हॉस्टल में हंगामा शुरू हो गया। छात्राओं ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। रात करीब 12 बजे पीआरवी और कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मोबाइल को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। वार्डन ने दी अलग वजह पुलिस पूछताछ में वार्डन की ओर से मोबाइल बाथरूम में रखने की अलग वजह बताई गई।
वार्डन के मुताबिक, हॉस्टल की छात्राएं सैनिटरी पैड इधर-उधर फेंक देती थीं। इसी का पता लगाने के लिए मोबाइल को रिकॉर्डिंग मोड में बाथरूम में रखा गया था। हालांकि, छात्राओं की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बाथरूम में मोबाइल कैमरा लगाकर उनकी निजता भंग की गई और नहाने व फ्रेश होने के दौरान वीडियो रिकॉर्ड किए गए। वार्डन के खिलाफ FIR, डिजिटल साक्ष्यों की जांच एसपी सिटी निमिष पाटील के मुताबिक, छात्राओं की तहरीर के आधार पर कैंट थाने में वार्डन आरती सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब बरामद मोबाइल और उसमें मौजूद डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित रिकॉर्डिंग कितने समय से की जा रही थी, उसमें कितनी छात्राओं के वीडियो मौजूद हैं और रिकॉर्ड किए गए वीडियो का कहीं इस्तेमाल या प्रसारण तो नहीं किया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना ने गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं की सुरक्षा और निजता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।