कंटाप
NEWS
गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      Rain Alert: बन गया है कम दबाव का क्षेत्र, इन राज्यों में होने जा रही मूसलाधार बारिश, आंधी तूफान का भी अलर्ट      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      'पाकिस्तान को अलग-थलग नहीं कर सकता भारत', मार्को रुबियो के बयान पर बोले पाकिस्तानी डिफेंस एक्सपर्ट      ट्रंप के मुस्लिम शहर वाले बयान पर भड़के मैक्रों, कहा- मूर्खतापूर्ण...      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      सोनम वांगचुक का केंद्र पर आरोप, बोले- लद्दाख से किए वादे पूरे करे सरकार     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
रक्षा और सुरक्षा

आधुनिक रक्षा तैयारी: राजस्थान में भारतीय वायुसेना ने किया ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम का लाइव परीक्षण

भारतीय वायुसेना द्वारा राजस्थान की सामरिक भूमि पर मानवरहित विमान प्रणालियों और उनके रक्षा तंत्र का सीधा प्रदर्शन किया गया है, जिसका उद्देश्य आगामी समय की सुरक्षा चुनौतियों का डटकर मुकाबला करना है।

A
Ankit Yadav
19 सित 2026, 16:07
आधुनिक रक्षा तैयारी: राजस्थान में भारतीय वायुसेना ने किया ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम का लाइव परीक्षण

भारतीय वायुसेना ने आने वाले समय के युद्धों की बदलती हुई प्रकृति को ध्यान में रखते हुए राजस्थान के सामरिक क्षेत्र में मानवरहित विमानों और उनके खात्मे के लिए बनाए गए एंटी ड्रोन उपकरणों का सीधा और सफल प्रदर्शन किया है। इस लाइव परीक्षण के दौरान वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने आधुनिक हथियारों की मारक क्षमता, सटीकता और तकनीकी दक्षता का गहराई से आकलन किया। इस संपूर्ण अभ्यास का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि भारतीय वायुसेना हर प्रकार की हवाई चुनौती का सामना करने के लिए तकनीकी रूप से पूरी तरह सक्षम और तैयार है। परीक्षण के दौरान विभिन्न प्रकार के ड्रोनों को हवा में मार गिराने के लिए स्वदेशी और अत्याधुनिक एंटी ड्रोन तकनीकों का वास्तविक परिस्थितियों में उपयोग करके देखा गया, जिसके परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे हैं।

इस महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास के पीछे की पृष्ठभूमि देखें तो पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर संघर्षों के तौर-तरीकों में बहुत बड़ा बदलाव आया है। पारंपरिक तोपखाने और लड़ाकू विमानों के साथ-साथ अब मानवरहित प्रणालियाँ यानी ड्रोन किसी भी देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती और हथियार दोनों के रूप में उभर रहे हैं। पश्चिमी देशों से लेकर हमारे पड़ोस तक, हर जगह कम लागत वाले ये हवाई उपकरण युद्ध के मैदान की तस्वीर बदलने की क्षमता रखते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए भारतीय रक्षा मंत्रालय और वायुसेना लगातार अपनी क्षमताओं को अपग्रेड करने पर जोर दे रही है। राजस्थान का विशाल मरुस्थलीय भूभाग इस प्रकार के लाइव परीक्षणों के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है, क्योंकि यहाँ खुले आसमान में लंबी दूरी तक हथियारों और प्रणालियों की क्षमता को बिना किसी जनजीवन के जोखिम के परखा जा सकता है।

इस प्रकार के लाइव परीक्षणों के भविष्य के सामरिक परिणामों पर गौर करें तो यह भारतीय वायुसेना की रक्षात्मक और आक्रामक दोनों क्षमताओं को एक नया आयाम देगा। आने वाले समय में सीमाओं की सुरक्षा को और अधिक अडिग बनाने के लिए इस तरह के तकनीकी अभ्यासों को और विस्तार दिया जाएगा, जिससे देश के स्वदेशी रक्षा उद्योग को भी मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद है। जब देश के भीतर ही आधुनिक रक्षा प्रणालियों का निर्माण और उनका कड़े परीक्षणों में सफल होना सुनिश्चित होता है, तो इससे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी बड़ा संबल मिलता है। वायुसेना के इस कदम से स्पष्ट है कि भारत केवल पारंपरिक युद्ध कौशल तक सीमित नहीं है, बल्कि इक्कीसवीं सदी की उन तमाम अत्याधुनिक तकनीकों में महारत हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है जो भविष्य के रणक्षेत्र की दिशा तय करेंगी।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज