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आत्मनिर्भर भारत: रक्षा उत्पादन में चार गुना उछाल, राजनाथ सिंह ने की घोषणा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में देश के रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया है कि भारतीय रक्षा उत्पादन में लगभग चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
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Ankit Yadav
28 अग 2026, 15:24
भारतीय रक्षा क्षेत्र लगातार नए मील के पत्थर हासिल कर रहा है और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान घरेलू रक्षा उत्पादन में लगभग चार गुना की भारी बढ़ोतरी हुई है। यह अभूतपूर्व वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि भारत अब रक्षा साजो-सामग्री के निर्माण के मामले में विदेशी राष्ट्रों पर अपनी निर्भरता को तेज़ी से कम कर रहा है और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दे रहा है। सरकार की ओर से लगातार ऐसे नीतिगत कदम उठाए गए हैं जिन्होंने देश के भीतर रक्षा उपकरणों के उत्पादन को गति दी है और स्थानीय उद्योगों को आगे बढ़ने के लिए एक नया मंच प्रदान किया है।
रक्षा विनिर्माण में तेजी और घरेलू उद्योगों की भूमिका
देश की इस रक्षा उपलब्धि के पीछे कई महत्वपूर्ण सुधार और नीतियां जुड़ी हुई हैं। सरकार द्वारा मेक इन इंडिया पहल के तहत घरेलू रक्षा निर्माताओं को प्रोत्साहित किया गया है, जिसमें सार्वजनिक उपक्रमों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की कंपनियों को भी बड़ी भूमिकाएं सौंपी गई हैं। अत्याधुनिक हथियारों, युद्धपोतों, विमानों और अन्य सामरिक उपकरणों का निर्माण अब देश के भीतर ही बड़े पैमाने पर होने लगा है। इसके कारण न केवल विदेशी मुद्रा की भारी बचत हो रही है, बल्कि देश के भीतर ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। रक्षा मंत्रालय की इन पहलों का मुख्य उद्देश्य भारत को रक्षा उपकरणों के आयातकों की सूची से निकालकर दुनिया के प्रमुख रक्षा निर्यातकों की पंक्ति में खड़ा करना है।
आत्मनिर्भर भारत की ओर ऐतिहासिक कदम
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, इस सेक्टर में आया यह बड़ा बदलाव देश की रणनीतिक स्वायत्तता को और अधिक मजबूत करता है। किसी भी राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि उसके रक्षा बल आधुनिक हथियारों और उपकरणों के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर हों। आज भारतीय कंपनियाँ और युवा शोधकर्ता रक्षा अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य कर रहे हैं, जिससे देश की सैन्य क्षमता में भारी इजाफा हुआ है। सरकार की ओर से समय-समय पर रक्षा उत्पादन से जुड़े लाइसेंसों को सरल बनाया गया है और मित्र देशों को रक्षा उपकरणों के निर्यात के लिए भी रास्ते खोले गए हैं, जिससे वैश्विक पटल पर भारत की एक सशक्त और सक्षम राष्ट्र की छवि उभरी है।
आने वाले समय में देश के रक्षा क्षेत्र से और अधिक सकारात्मक परिणामों की उम्मीद की जा रही है क्योंकि कई महत्वपूर्ण रक्षा परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। रक्षा गलियारों के निर्माण से लेकर अत्याधुनिक तकनीक के हस्तांतरण तक, हर मोर्चे पर देश आगे बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रक्षा उत्पादन की यह रफ्तार यूं ही बनी रही, तो आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक रक्षा बाजार में एक बड़ी ताकत बनकर उभरेगा और अपनी सुरक्षा जरूरतों को खुद पूरा करने के साथ-साथ अन्य देशों को भी सुरक्षा साजो-सामग्री की आपूर्ति करने में पूरी तरह सक्षम हो जाएगा।