कीव पर मिसाइल और ड्रोन हमले
यूक्रेन की राजधानी कीव पर शनिवार के दिन रूस की ओर से लगातार मिसाइलें और ड्रोन दागे गए। इन भीषण हवाई हमलों की चपेट में आने से शहर के कई आवासीय और व्यावसायिक भवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण ऊर्जा संयंत्रों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थानीय बुनियादी ढांचे को बड़ा झटका लगा है। इन हालिया हमलों में जान-माल के नुकसान या हताहतों की कुल संख्या के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक और स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है। अधिकारियों और राहत टीमों द्वारा नुकसान का आकलन करने का कार्य अभी जारी है। इसके अतिरिक्त रूसी बलों ने ओडेसा बंदरगाह पर लंगर डालकर खड़े एक मालवाही जहाज को भी अपना निशाना बनाया और उसे नुकसान पहुंचाया। इस प्रकार इन हमलों ने यूक्रेन के विभिन्न रणनीतिक और शहरी इलाकों को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। शहर में सुरक्षा और राहत प्रबंधों को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है क्योंकि हमलों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
कीव छोड़ने की चेतावनी और निर्देश
ताजा हमलों के बीच रूसी पक्ष की तरफ से एक कड़ा और चेतावनी भरा निर्देश जारी किया गया है। रूस ने सभी विदेशी नागरिकों और विदेशी राजनयिकों से तुरंत कीव शहर छोड़ने का आधिकारिक अनुरोध किया है। मॉस्को का कहना है कि यूक्रेन जिस प्रकार लगातार रूस के नागरिक क्षेत्रों और विभिन्न औद्योगिक ठिकानों को निशाना बना रहा है, उसका उसे अब कड़ा खामियाजा भुगतना ही पड़ेगा। रूसी सुरक्षा बलों ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि वे अब यूक्रेनी शहरों के भीतर और अधिक सटीक तथा प्रभावी हमले करने जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन सुनियोजित हमलों से यूक्रेनी ठिकानों को और अधिक क्षति पहुंचाई जाएगी। इस आपात स्थिति के उत्पन्न होने के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय और कीव में मौजूद कूटनीतिक हलकों में भारी खलबली मच गई है। विदेशी मिशन अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए सिरे से विचार कर रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों से एहतियात बरतने और तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करने की अपील की जा रही है।
जपोरीजिया में हताहत और परमाणु संयंत्र
शनिवार के दिन ही यूक्रेन की तरफ से किए गए एक ड्रोन हमले में रूस के कब्जे वाले जपोरीजिया क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इस हमले की चपेट में आने से दस अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है। इस हिंसक ड्रोन हमले के कारण जपोरीजिया में स्थित विशाल परमाणु बिजलीघर के ठीक बाहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से भंग हो गई है। परमाणु संयंत्र के बाहरी हिस्से की बिजली कटने से वहां सुरक्षा और तकनीकी कामकाज पर भी विपरीत प्रभाव पड़ने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। जानकारों का मानना है कि इन हमलों के चलते दोनों देशों के बीच जारी मौजूदा संघर्ष और अधिक खतरनाक मोड़ ले रहा है। युद्ध के मैदान में इस तरह की तीव्र कार्रवाई से आम नागरिकों का जीवन और अधिक संकट में फंसता जा रहा है। आने वाले दिनों में इन सैन्य गतिविधियों के और तेज होने की पूरी आशंका जताई जा रही है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा पर गहरा संकट मंडरा रहा है।