उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित ऐतिहासिक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का आज का दिन अकादमिक दृष्टि से बेहद खास रहा। विश्वविद्यालय के मुख्य दीक्षांत समारोह में देश भर से आए शिक्षाविदों, कुलपतियों और गणमान्य अतिथियों ने शिरकत की। सुबह ठीक दस बजे पारंपरिक गाउन में सजे छात्रों और शोधार्थियों की शोभायात्रा के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ। कुलपति ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए छात्रों को नवाचार, अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इस वर्ष विज्ञान, कला, वाणिज्य, इंजीनियरिंग और चिकित्सा संकाय के कुल दो हजार से अधिक स्नातक, परास्नातक और पीएचडी छात्रों को आधिकारिक रूप से उनकी डिग्रियां सौंपी गईं, जिनके चेहरों पर सफलता की चमक साफ झलक रही थी।
मेधावी छात्रों को मिले स्वर्ण पदक
समारोह का सबसे आकर्षण का केंद्र वह पल रहा जब विभिन्न विभागों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मंच पर स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इस बार छात्राओं ने लड़कों की तुलना में बाजी मारते हुए अधिकांश विषयों में प्रथम स्थान हासिल किया, जिसने एक बार फिर उच्च शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सफलता को सिद्ध कर दिया है। पदक पाने वाले छात्रों के परिजनों ने इस अवसर पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनकी वर्षों की मेहनत और रात-दिन की पढ़ाई का सुखद परिणाम है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी मेधावी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उनके आगामी शोध कार्यों के लिए हर संभव अकादमिक सहायता प्रदान करने का आश्वासन भी दिया।
परिसर में सुरक्षा और उत्सव का माहौल
दीक्षांत समारोह के मद्देनजर पूरे एएमयू परिसर में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ-साथ विश्वविद्यालय की प्रॉक्टोरियल टीम भी च चप्पे पर तैनात रही ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। मुख्य मार्ग से लेकर आयोजन स्थल तक फूलों की सजावट की गई थी और पुराने मित्रों व सहपाठियों के मिलने का सिलसिला पूरे दिनभर चलता रहा। छात्रों ने अपने शिक्षकों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और अपनी डिग्रियों के साथ सोशल मीडिया पर यादें साझा कीं। शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के साथ इस भव्य दीक्षांत समारोह का समापन हुआ, जो छात्रों के जीवन में एक यादगार मील का पत्थर साबित हुआ है।