कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      भारत ने दो बार बुलाया, तारिक रहमान नहीं आए; विवाद के बावजूद बालेन शाह ने दिल्ली क्यों चुनी?      उत्तराखंड पर मंडराया खतरा, ग्लेशियरों के पिघलने से उच्च हिमालयी क्षेत्र में बनीं 77 नई झीलें      Raksha Bandhan 2026 Wishes: बड़े भाई से छोटे भाई तक, हर रिश्ते के लिए भेजें ये खास मैसेज, दिल में घुल जाएगा...      सोनिया गांधी पर किताब प्रकाशित नहीं करेगा पेंगुइन इंडिया, संपादकीय बदलाव से लेखिका का इनकार      Raksha Bandhan 2026: आज पूरे दिन पंचक, सुबह का मुहूर्त निकला, दोपहर में कब बांधें राखी?      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      भारत खरीदेगा दुनिया का सबसे खतरनाक एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम 'जैवलिन', क्यों खास है ये अमेरिकी हथियार     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
शिक्षा

असम बाढ़ की नई अपडेट: ब्रह्मपुत्र और कोपिली नदियों के जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज

असम में बाढ़ की स्थिति में पिछले 24 घंटों के दौरान मामूली सुधार देखा गया है, हालांकि कई निचले इलाकों में अभी भी पानी भरा हुआ है और राहत अभियान जारी है।

X
Kantap News डेस्क
10 अग 2026, 00:00
असम बाढ़ की नई अपडेट: ब्रह्मपुत्र और कोपिली नदियों के जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज

पिछले कुछ दिनों से असम में आफत बने बाढ़ के पानी के स्तर में अब धीरे-धीरे मामूली गिरावट दर्ज की जाने लगी है, जिससे प्रशासन और आम जनता ने राहत की सांस ली है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रह्मपुत्र और कोपिली नदियों का जलस्तर अब खतरे के निशान से थोड़ा नीचे आना शुरू हो गया है। हालांकि, कई जिलों में बाढ़ का पानी अभी भी गांवों की गलियों और घरों में जमा हुआ है, जिसके कारण सामान्य जनजीवन पटरी पर लौटने में अभी और समय लग सकता है। राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने जानकारी दी है कि वर्तमान में प्रभावित जिलों की संख्या घटकर 10 रह गई है और शिविरों में रहने वाले लोगों की संख्या में भी कमी आई है। फिर भी किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और चौकस बना हुआ है।

राहत शिविरों में स्वास्थ्य और स्वच्छता सेवाएं राहत शिविरों में शरण लिए हुए हजारों नागरिकों के लिए स्वास्थ्य और स्वच्छता विभाग ने विशेष कैंप लगाए हैं ताकि किसी भी महामारी फैलने के खतरे को समय रहते रोका जा सके। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें लगातार शिविरों का दौरा कर रही हैं और बच्चों व बुजुर्गों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं। पीने के पानी के शुद्धिकरण के लिए क्लोरीन की गोलियां और पानी के टैंकर बड़ी संख्या में प्रभावित क्षेत्रों में भेजे जा रहे हैं। स्थानीय स्वयंसेवी संगठन और गैर-सरकारी संस्थाएं भी इस मुश्किल समय में प्रशासन के साथ कंधे से कंधا मिलाकर राहत सामग्री और पका हुआ भोजन वितरित करने में जुटी हुई हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को पौष्टिक आहार और दूध समय पर मिल सके।

बुनियादी ढांचे की बहाली और पुनर्निर्माण कार्य बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही अब प्रशासन का मुख्य ध्यान बुनियादी ढांचे की तत्काल बहाली और मरम्मत कार्यों पर केंद्रित हो गया है। टूटी हुई सड़कों और क्षतिग्रस्त पुलों का आकलन करने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की विशेष टीमों को मैदान में उतार दिया गया है। बिजली विभाग युद्ध स्तर पर काम कर रहा है ताकि उन इलाकों में बिजली की आपूर्ति बहाल की जा सके जहां बाढ़ के कारण ट्रांसफार्मर और खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे। राज्य के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि बाढ़ से हुए नुकसान का एक विस्तृत सर्वेक्षण जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि प्रभावित किसानों और मकान मालिकों को उचित मुआवजा राशि समय पर दी जा सके। सरकार की यह प्राथमिकता है कि हर एक पीड़ित परिवार को इस आपदा से उबार कर फिर से सामान्य जीवन की मुख्यधारा में लाया जाए।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज