बांका के दम्पति की एक साथ बड़ी सफलता
बांका जिले के निवासी एक विवाहित दम्पति ने अपनी कड़ी मेहनत के बल पर बिहार राज्य विश्वविद्यालय आयोग की परीक्षा में एक साथ सफलता का परचम लहराया है। वर्षों तक विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अतिथि और संविदा के आधार पर अध्यापन कार्य करने के बाद इस दम्पति को यह बड़ी सफलता हासिल हुई है। इस उपलब्धि के बाद से उनके पूरे परिवार में भारी हर्षोल्लास का माहौल बना हुआ है क्योंकि दोनों ने अपनी शैक्षणिक यात्रा में कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना किया था। परीक्षा में उत्तीर्ण होने के पश्चात अब दोनों पति और पत्नी आधिकारिक रूप से सहायक प्रोफेसर के पद पर अपनी सेवाएं प्रदान करने के योग्य हो गए हैं। इस दम्पति की इस शानदार सफलता ने पूरे इलाके में शिक्षा जगत का मान बढ़ा दिया है और हर कोई इनकी इस मेहनत की सराहना कर रहा है।
अमित की शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव
सफलता प्राप्त करने वाले अमित ने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा एसएनजे हाई स्कूल, बेलहर से पूरी की जहाँ उन्होंने द्वितीय श्रेणी में मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। इसके बाद उन्होंने टीएनबी कॉलेज, भागलपुर से प्रथम श्रेणी में अपने स्नातक की डिग्री प्राप्त की और अपनी उच्च शिक्षा की नींव मजबूत की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग का रुख किया और वहां से प्रथम श्रेणी में स्नातकोत्तर तथा बाद में पीएचडी की उपाधि पूरी की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने वर्ष 2018 में झारखंड के नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में संविदा सहायक प्रोफेसर के रूप में की थी। इसके बाद वर्ष 2019 में उन्होंने भागलपुर के मारवाड़ी कॉलेज में अतिथि सहायक प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वर्तमान समय में वे संविदा आधारित परीक्षा-2026 में सफलता हासिल करने के बाद राजकीय डिग्री महाविद्यालय, फुल्लीडूमर में पूरी निष्ठा के साथ कार्यरत हैं।
संयुक्ता की पृष्ठभूमि और परिवार की अन्य उपलब्धियां
दम्पति में शामिल संयुक्ता ने अपनी शुरुआती शिक्षा माउंट कार्मेल और मोक्षदा इंटर स्कूल भागलपुर से प्राप्त की थी। विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए उन्होंने शाहपुर हाई स्कूल, अमरपुर से द्वितीय श्रेणी में मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने एसएम कॉलेज, भागलपुर से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय से इतिहास विषय में स्नातकोत्तर तथा पीएचडी की डिग्री हासिल की। अपनी अकादमिक योग्यता के बल पर उन्होंने वर्ष 2010 में नेट की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की थी। करियर के शुरुआती दौर में वर्ष 2018 में उन्होंने एसएम कॉलेज से अतिथि सहायक प्रोफेसर के रूप में शुरुआत की और बाद में एलएनएमयू के एमएलएस कॉलेज तथा मुंगेर विश्वविद्यालय के केएसएस कॉलेज में अध्यापन कार्य किया। वर्तमान में वे राजकीय डिग्री महाविद्यालय, बेलहर में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उल्लेखनीय है कि संयुक्ता तीन बहनों में सबसे बड़ी हैं और उनकी दोनों छोटी बहनें भी बीपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण करके शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं।