कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत, सैकड़ों ज़ख़्मी      'इतना अन्याय किसी परिवार के ऊपर नहीं हुआ होगा...', अखिलेश यादव ने आजम खान के लिए ऐसा क्यों कहा?      गोल्डी ने कहा था- घर गिरा दो, वापस नहीं आऊंगा: लॉरेंस के साथ गैंगस्टर बना, अमेरिका को तलाश; पंजाब में घर खा...      यूपी: विधान परिषद की 11 सीटों के लिए वोटिंग आज, 72 जिलों में 14.81 लाख मतदाता करेंगे अपने मताधिकार का प्रयोग      पोलिश PM भारत आए,मोदी ने ‘गुड महाराजा’ का जिक्र किया: दूसरे विश्व युद्ध के बाद उन्होंने पोलैंड के 1,000 बच्...      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      दो चुनाव आयुक्तों की शिकायत पर कैबिनेट सचिव ने क्यों नहीं लिया एक्शन, RTI में खुलासा      कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
शिक्षा

बदला शिक्षा का रुझान: पिछले 5 सालों में एमबीबीएस सीटों में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी जबकि आईआईटी में केवल 13 प्रतिशत का इजाफा

देशभर में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान आए बड़े बदलावों को लेकर नए आंकड़े सामने आए हैं, जो चिकित्सा और इंजीनियरिंग क्षेत्रों की बदलती तस्वीर को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

A
Ankit Yadav
17 सित 2026, 11:29
बदला शिक्षा का रुझान: पिछले 5 सालों में एमबीबीएस सीटों में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी जबकि आईआईटी में केवल 13 प्रतिशत का इजाफा
देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले के रुझानों को लेकर हाल ही में आंकड़े सामने आए हैं, जिन्होंने चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से उजागर कर दिया है। पिछले पांच वर्षों के दौरान मेडिकल की पढ़ाई यानी एमबीबीएस की सीटों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों यानी आईआईटी की सीटों में उस अनुपात में वृद्धि नहीं देखने को मिली है। इस बदलाव से यह साफ हो रहा है कि युवाओं का झुकाव और देश की शैक्षिक नीतियां किस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

एमबीबीएस सीटों में भारी उछाल

पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर अगर नजर डाली जाए तो देश भर में एमबीबीएस की सीटों में कुल 44 प्रतिशत की बंपर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और पुराने संस्थानों की क्षमता को बढ़ाने के कारण यह संभव हो सका है। स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल डॉक्टरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों का यह सीधा परिणाम है। उत्तर प्रदेश और देश के अन्य बड़े राज्यों में भी लगातार नए मेडिकल संस्थान खोले जा रहे हैं, जिससे छात्रों के लिए डॉक्टर बनने के अवसर काफी हद तक सुलभ हो गए हैं।

आईआईटी में धीमी गति से वृद्धि

दूसरी ओर, देश के शीर्ष तकनीकी संस्थान माने जाने वाले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों यानी आईआईटी में सीटों का विस्तार काफी सीमित रहा है। बीते पांच वर्षों के दौरान आईआईटी की कुल सीटों में मात्र 13 प्रतिशत का ही इजाफा देखा गया है। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा और देश की औद्योगिक जरूरतों के बावजूद, इंजीनियरिंग की इन प्रमुख सीटों में बढ़ोतरी की रफ्तार मेडिकल क्षेत्र की तुलना में काफी धीमी रही है। इसके कारण इन प्रतिष्ठित संस्थानों की प्रवेश परीक्षाओं में प्रतिस्पर्धा और अधिक कठिन हो गई है, जहां लाखों छात्र कुछ हजार सीटों के लिए संघर्ष करते हैं।

भविष्य की दिशा और छात्रों की प्राथमिकताएं

इन आंकड़ों से साफ जाहिर होता है कि आने वाले समय में देश के भीतर पेशेवर शिक्षा का परिदृश्य किस प्रकार करवट ले रहा है। जहां एक तरफ चिकित्सा के क्षेत्र में युवाओं के लिए रास्ते तेजी से चौड़े हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रवेश पाना और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के रुझान आने वाले वर्षों में रोजगार बाजार और उच्च शिक्षा की नीतियों को गहराई से प्रभावित करेंगे। छात्र और उनके अभिभावक भी इन आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए अपने करियर की रणनीति तय कर रहे हैं, जिससे देश की शैक्षणिक प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज