जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो
‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या
फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब
‘CJP प्रोटेस्ट के लिए फंडिंग कहां से आती है?’ RSS के Indresh Kumar ने उठाए सवाल
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज
सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे
दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत
कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
सांस्कृतिक आदान-प्रदान: सीएम विष्णुदेव साय से मिले जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी के छात्र
जापान की प्रतिष्ठित एहिमे यूनिवर्सिटी के छात्र शिष्टाचार भेंट के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिले। इस मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों के बीच संस्कृति, तकनीक और आपसी संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
A
Ankit Yadav
15 सित 2026, 15:49
छत्तीसगढ़ की राजधानी में एक बेहद खास और अनूठा मौका देखने को मिला, जब जापान के सुदूर क्षेत्र से आए छात्रों के एक दल ने राज्य के मुखिया से मुलाकात की। जापान की नामी एहिमे यूनिवर्सिटी से आए इन युवा विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच पारंपरिक मूल्यों, आधुनिक तकनीक और आत्मीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से बातचीत हुई। इस तरह की उच्च स्तरीय मुलाकातें न केवल दो अलग-अलग संस्कृतियों को एक मंच पर लाती हैं, बल्कि युवाओं के माध्यम से आपसी समझ को भी मजबूत करती हैं।
संस्कृति और तकनीक का अनूठा मेल
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जापानी छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से उन्हें अवगत कराया। बातचीत का मुख्य केंद्र बिंदु संस्कृति और तकनीक का संगम रहा। आज के वैश्विक दौर में जहां एक तरफ तकनीकी विकास तेजी से हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ अपनी जड़ों और सांस्कृतिक परंपराओं को संजोए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जापानी छात्रों ने भारतीय जीवनशैली, विशेषकर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खान-पान, लोक कला और आतिथ्य सत्कार में गहरी रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री ने भी जापान की तकनीकी उन्नति और वहां के नागरिकों के अनुशासन की सराहना की।
युवाओं के इस प्रतिनिधिमंडल ने अपनी यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्हें यहां का वातावरण और लोगों का अपनापन बेहद पसंद आया। इस प्रकार के शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों से दोनों क्षेत्रों के युवाओं को एक-दूसरे की कार्यशैली, शोध पद्धतियों और जीवन मूल्यों को नजदीक से जानने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस तरह के संवाद भविष्य में अकादमिक और सांस्कृतिक सहयोग के नए रास्ते खोल सकते हैं।
भविष्य के लिए मजबूत होते रिश्ते
इस तरह की अंतर्राष्ट्रीय मुलाकातें अक्सर कूटनीतिक दायरे से बाहर निकलकर जन-स्तर के रिश्तों को मजबूत करने का काम करती हैं। एहिमे यूनिवर्सिटी के छात्रों का यह दौरा छत्तीसगढ़ के लिए भी गौरव का विषय रहा, क्योंकि इससे वैश्विक स्तर पर राज्य की एक सकारात्मक और प्रगतिशील छवि उभरती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब युवा पीढ़ी इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय दौरों में हिस्सा लेती है, तो वे वैश्वीकरण की चुनौतियों का सामना करने के लिए अधिक तैयार होते हैं। बैठक के अंत में सभी ने इस मुलाकात को एक यादगार अनुभव बताया और भविष्य में भी इस तरह के आपसी मेल-जोल को जारी रखने की उम्मीद जताई।