सहयोग समझौता और तकनीकी पाठ्यक्रमों का रुझान
कैन थो शहर के विभिन्न संस्थानों जैसे कैन थो विश्वविद्यालय और नाम कैन थो विश्वविद्यालय में विज्ञान और तकनीकी विषयों की लोकप्रियता में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। कैन थो प्रौद्योगिकी संस्थान ने अपने सभी 22 प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए निर्धारित नामांकन लक्ष्य का 102% हिस्सा सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र के प्रवेश आंकड़े इन उच्च शिक्षण संस्थानों में भर्ती अभियानों की स्थिरता और मजबूती को दर्शाते हैं। इसके अलावा युवा पीढ़ी का झुकाव इंजीनियरिंग तथा प्रौद्योगिकी संबंधी विषयों की तरफ काफी अधिक बढ़ गया है। आज के डिजिटल युग में स्वचालन और औद्योगिक विकास के कारण कुशल कामगारों की भारी कमी महसूस की जा रही है। इसी मांग को पूरा करने के उद्देश्य से दोनों समूहों के अधिकारियों ने मिलकर आपसी साझेदारी का एक नया करार किया है ताकि छात्रों को बेहतर भविष्य के अवसर मिल सकें।
प्रवेश अंक और विभिन्न संकायों का प्रदर्शन
शिक्षक प्रशिक्षण संकाय के अंतर्गत इस वर्ष गणित विषय का प्रवेश स्कोर सबसे ऊंचा दर्ज किया गया है जिसने इतिहास विषय को भी पीछे छोड़ दिया है। बुनियादी विज्ञान और तकनीकी क्षेत्रों की बात करें तो नियंत्रण इंजीनियरिंग और स्वचालन पाठ्यक्रम में भारी उछाल देखा गया है। इसके पीछे मुख्य वजहें आकर्षक छात्रवृत्तियां और रोजगार के अनगिनत अवसर हैं जो छात्रों को इस तरफ खींच रहे हैं। हालांकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे नए संकायों में काफी तेजी आ रही है जबकि निर्माण और यांत्रिक इंजीनियरिंग जैसे पारंपरिक विषय थोड़े स्थिर हो गए हैं। संकाय के प्रमुख अधिकारियों ने बताया कि प्रभावी जनसंचार के माध्यम से माता-पिता और युवाओं को रोजगार की संभावनाओं की सही जानकारी मिल पा रही है। इसके अतिरिक्त सरकारी नियमों के तहत विशेष छात्रवृत्ति मिलने से सूचना सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों का क्रेज और भी ज्यादा बढ़ गया है।
भविष्य की योजनाएं और ढांचागत विकास के उपाय
विश्वविद्यालय प्रशासन आधुनिक प्रयोगशालाओं और उपकरणों के विकास के लिए लगातार धन का निवेश कर रहा है जिससे अभिभावकों का विश्वास गहरा हुआ है। आने वाले समय में तकनीकी श्रम शक्ति की भारी मांग को देखते हुए रोबोटिक्स इंजीनियरिंग का नया पाठ्यक्रम भी शुरू करने की पूरी तैयारी है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से आगामी वर्षों के लिए कई बड़े लक्ष्य तय किए गए हैं ताकि उच्च शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाया जा सके। वर्ष 2030 तक स्नातकोत्तर विद्यार्थियों का अनुपात 10 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है जबकि विज्ञान और गणित संकाय के छात्रों का आंकड़ा 35 प्रतिशत तक पहुंचाने की योजना है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिकों को जोड़ने और प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण के लिए कई नामी कंपनियों के साथ करार किए जा चुके हैं। इन तमाम ठोस कदमों से मेकांग डेल्टा क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।