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शिक्षा के क्षेत्र में नया युग: प्रमुख विश्वविद्यालयों ने कोडिंग और एआई पाठ्यक्रम अनिवार्य करने की घोषणा की

देश के 50 प्रमुख विश्वविद्यालयों ने स्नातक पाठ्यक्रमों में एआई और कोडिंग को अनिवार्य करने का बड़ा फैसला लिया है।

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Kantap News डेस्क
06 अग 2026, 15:18
शिक्षा के क्षेत्र में नया युग: प्रमुख विश्वविद्यालयों ने कोडिंग और एआई पाठ्यक्रम अनिवार्य करने की घोषणा की

देश की शिक्षा व्यवस्था में एक क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत हुई है। शिक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर 50 प्रमुख विश्वविद्यालयों ने निर्णय लिया है कि अब स्नातक के सभी छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कोडिंग को एक अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है। यह नीति शैक्षणिक सत्र 2027 से पूर्णतः प्रभावी हो जाएगी, लेकिन कई संस्थानों ने इसे अगले सेमेस्टर से ही पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने का फैसला लिया है।

पाठ्यक्रम का ढांचा इस पाठ्यक्रम को उद्योग जगत के विशेषज्ञों के साथ मिलकर डिजाइन किया गया है। इसमें बेसिक प्रोग्रामिंग से लेकर डेटा एनालिसिस और मशीन लर्निंग जैसे विषय शामिल होंगे। छात्रों को केवल थ्योरी नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स पर भी काम करना होगा। विश्वविद्यालयों का कहना है कि यह कौशल न केवल छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करेगा, बल्कि उनमें समस्या समाधान की क्षमता भी विकसित करेगा। छात्रों को इसके लिए अलग से लैब और मेंटरिंग की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

छात्रों और शिक्षकों का पक्ष छात्र इस नए बदलाव को लेकर उत्साहित हैं और इसे करियर की दृष्टि से बेहतरीन मान रहे हैं। हालांकि, शिक्षकों के लिए भी यह एक चुनौती है, जिसके लिए उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है। विश्वविद्यालयों ने एआई विशेषज्ञों को गेस्ट लेक्चर के लिए आमंत्रित करना शुरू कर दिया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से भारत आने वाले समय में तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करेगा। माता-पिता भी सरकार के इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं।

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