कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      ‘CJP प्रोटेस्ट के लिए फंडिंग कहां से आती है?’ RSS के Indresh Kumar ने उठाए सवाल      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत      कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
शिक्षा

उच्च शिक्षा में ऐतिहासिक सुधार: महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों में कौशल विकास आधारित पाठ्यक्रम अनिवार्य

महाराष्ट्र सरकार ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और छात्रों को रोजगारपरक बनाने के लिए एक बड़ा निर्णय लेते हुए सभी राज्य विश्वविद्यालयों में व्यावसायिक कौशल पाठ्यक्रमों को अनिवार्य कर दिया है।

X
Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 14:14
उच्च शिक्षा में ऐतिहासिक सुधार: महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों में कौशल विकास आधारित पाठ्यक्रम अनिवार्य
महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग ने आज एक दूरगामी निर्णय लेते हुए राज्य के सभी सार्वजनिक और निजी विश्वविद्यालयों के लिए नए सत्र से कौशल विकास और व्यावहारिक प्रशिक्षण आधारित पाठ्यचर्या को अनिवार्य रूप से लागू करने की घोषणा की है। इस नए शैक्षणिक सुधार के तहत स्नातक स्तर पर पढ़ने वाले हर छात्र को अपनी मुख्य पढ़ाई के साथ-साथ डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग, साइबर सुरक्षा, वित्तीय साक्षरता और हरित ऊर्जा प्रबंधन जैसे आधुनिक विषयों में से कम से कम दो पेशेवर प्रमाणन पाठ्यक्रम पूरे करने होंगे। सरकार का यह कदम पारंपरिक और केवल किताबी शिक्षा प्रणाली को अलविदा कहकर छात्रों को कॉर्पोरेट जगत और आधुनिक उद्योग जगत की वास्तविक मांगों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक बेहद ठोस कदम माना जा रहा है।

उद्योग जगत के साथ साझेदारी और इंटर्नशिप

इस नीति के तहत प्रत्येक विश्वविद्यालय को स्थानीय उद्योगों, स्टार्टअप्स और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ औपचारिक समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर करने होंगे ताकि विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के दौरान ही कम से कम छह महीने की अनिवार्य पेड इंटर्नशिप का अवसर मिल सके। इससे छात्रों को वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव प्राप्त होगा और वे डिग्री पूरी होते ही रोजगार पाने के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे, जिससे राज्य में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या पर भी काफी हद तक लगाम लगेगी। कुलपतियों की एक उच्च स्तरीय समिति इस पूरे पाठ्यक्रम की नियमित रूप से निगरानी करेगी और हर साल उद्योगपतियों की सलाह के अनुसार इसमें आवश्यक संशोधन भी किए जाएंगे ताकि पाठ्यक्रम हमेशा समय के साथ अपडेट रहे।

छात्रों और शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर

इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए राज्य के सभी महाविद्यालयों के प्राध्यापकों और शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और तकनीकी उपकरणों के उपयोग हेतु विशेष फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है। छात्र संघों और शिक्षाविदों ने सरकार के इस कदम का दिल से स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे महाराष्ट्र के युवा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो संस्थान इस नीति का पालन करने में कोताही बरतेंगे, उनकी अनुदान राशि और संबद्धता की समीक्षा की जा सकती है ताकि इस सुधार को पूर्ण रूप से और बिना किसी बाधा के धरातल पर उतारा जा सके।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज