प्रतियोगिता का आयोजन और पंजीकरण की तिथियां विद्यार्थियों के भीतर रचनात्मकता और वैचारिक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए विनोबा भावे विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक गतिविधि की शुरुआत की है जिसके तहत नया भारत गढ़ो प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस बौद्धिक और सृजनात्मक स्पर्धा में हिस्सा लेने के इच्छुक सभी छात्र-छात्राओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को औपचारिक रूप से खोल दिया गया है ताकि वे समय रहते अपनी प्रविष्टियां और औपचारिकताएं पूरी कर सकें। विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले उम्मीदवारों के पास आवेदन करने के लिए आगामी 30 नवंबर तक का पूरा समय उपलब्ध रहेगा। इस तय सीमा के भीतर ही सभी पात्र विद्यार्थियों को अपने पंजीकरण के कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करना होगा ताकि उन्हें इस अनूठे मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का उचित अवसर मिल सके और किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक असुविधा से बचा जा सके।
उच्च शिक्षण संस्थानों में बौद्धिक गतिविधियों का महत्व देशभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन केवल एक औपचारिकता मात्र नहीं होता है बल्कि यह विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। आधुनिक दौर में युवा पीढ़ी को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें समसामयिक विषयों राष्ट्र निर्माण और सामाजिक मुद्दों पर गहराई से सोचने के लिए प्रेरित करना शैक्षणिक संस्थानों की मुख्य जिम्मेदारी मानी जाती है। जब शिक्षण संस्थान ऐसे मंच तैयार करते हैं जहाँ छात्र अपनी बौद्धिक क्षमताओं तार्किक सोच और रचनात्मक लेखन या भाषण कौशल का प्रदर्शन कर सकें तो इससे उनके आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवा वर्ग को देश की विकास यात्रा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का अवसर मिलता है और वे अपनी कल्पनाशीलता के जरिए नए भारत के निर्माण के लिए नवीन विचारों तथा समाधानों को सामने लाने में सक्षम बनते हैं जिससे अकादमिक माहौल भी अत्यधिक ऊर्जावान और सकारात्मक बनता है।
प्रतिभागियों के लिए आगामी चरण और संभावनाएं पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन इस प्रतियोगिता के अगले चरणों की रूपरेखा तैयार करेगा जिसमें प्रविष्टियों का मूल्यांकन और विभिन्न स्तरों पर प्रतियोगिताओं का संचालन शामिल होगा। इस तरह के आयोजनों से न केवल विद्यार्थियों की छिपे हुए कौशलों की पहचान होती है बल्कि उन्हें भविष्य में अपनी शैक्षणिक और पेशेवर प्राथमिकताओं को तय करने के लिए एक मजबूत दिशा भी मिलती है। विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षकों और प्रबंधकों का मानना है कि इस बार छात्रों की ओर से भारी संख्या में भागीदारी देखने को मिलेगी क्योंकि युवा वर्ग हमेशा से ही देश के भविष्य से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखने के लिए उत्सुक रहता है। आगामी हफ्तों में पंजीकरण की संख्या बढ़ने के साथ ही प्रतियोगिता के सफल आयोजन को लेकर तैयारियां और अधिक तेज कर दी जाएंगी ताकि सभी प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए एक निष्पक्ष और पारदर्शी मंच मिल सके जिससे पूरे परिसर में उत्साह का माहौल बना हुआ है।