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आर्थिक महाशक्ति बनने की राह: भारत को 2036 तक 20 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए टैक्स सुधार जरूरी

भारत को वर्ष 2036 तक 20 ट्रिलियन डॉलर की विशाल अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी 20-सूत्रीय रोडमैप पेश किया गया है, जिसमें कहा गया है कि बड़े पैमाने पर कर सुधार लागू करना पूंजी जुटाने और बॉन्ड बाजारों को गहराई देने के लिए अनिवार्य शर्त है।

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Kantap News डेस्क
17 अग 2026, 17:24
आर्थिक महाशक्ति बनने की राह: भारत को 2036 तक 20 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए टैक्स सुधार जरूरी
देश की वित्तीय राजधानी मुंबई से जारी एक नई और विस्तृत आर्थिक रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि भारत को अगले एक दशक में दुनिया की शीर्ष आर्थिक महाशक्तियों की श्रेणी में मजबूती से खड़ा होना है, तो उसे अपनी कर प्रणाली में बड़े और दूरगामी सुधार करने होंगे। इस 20-सूत्रीय रोडमैप का मुख्य उद्देश्य देश के भीतर अटकी हुई पूंजी को मुक्त करना, उद्योगों के लिए वित्तपोषण की लागत को कम करना और भारतीय पूंजी बाजारों तथा बॉन्ड बाजारों को अधिक मजबूत व पारदर्शी बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा नियमों में सरलीकरण और निवेशकों के अनुकूल नीतियां अपनाने से विदेशी और घरेलू दोनों तरह के निवेशकों का भरोसा और अधिक बढ़ेगा।

पूंजी बाजारों की गहराई और वित्तपोषण लागत

इस रिपोर्ट के अनुसार, जब तक देश के बॉन्ड मार्केट और कॉर्पोरेट ऋण बाजारों का दायरा नहीं बढ़ाया जाता, तब तक बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्त जुटाना एक बड़ी चुनौती बना रहेगा। व्यापक कर सुधारों के जरिए सरकार निवेशकों के लिए कर के बोझ को तर्कसंगत बना सकती है, जिससे छोटे और मध्यम उद्यमों को भी कम ब्याज दरों पर आसानी से ऋण मिल सके। वित्तीय विश्लेषकों का तर्क है कि देश में बचत को उत्पादक निवेश में बदलने के लिए कर ढांचे में लचीलापन लाना अब समय की सबसे बड़ी मांग बन चुका है, जिससे देश के हर कोने में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकेंगे।

भविष्य की नीतियां और दीर्घकालिक लक्ष्य

इस 20 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने की यात्रा में निजी क्षेत्र की भागीदारी को सबसे अहम माना गया है। नीति निर्माताओं का ध्यान अब इस बात पर है कि कैसे लाल फीताशाही को खत्म करके लाल कालीन बिछाया जाए ताकि व्यापार करना और आसान हो सके। यदि ये कर सुधार समय पर लागू कर दिए जाते हैं, तो भारत न केवल वैश्विक निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य बन जाएगा, बल्कि देश के हर नागरिक के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। यह रिपोर्ट आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक दिशा तय करने में एक मजबूत नीतिगत दस्तावेज साबित होगी।
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