पुडुचेरी कोऑपरेटिव बैंक पर आरबीआई के कड़े निर्देश
भारतीय रिजर्व बैंक ने पुडुचेरी कोऑपरेटिव बैंक की बदहाल आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उस पर नए अंकुश लगा दिए हैं। केंद्रीय बैंक की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ये तमाम निर्देश 21 अक्टूबर 2026 को बैंकिंग कामकाज समाप्त होने के साथ ही प्रभावी हो गए हैं। फिलहाल केंद्रीय संस्थान ने इन पाबंदियों की अवधि छह महीने निर्धारित की है। हालांकि इस पूरे समय के दौरान इन पाबंदियों का लगातार मूल्यांकन किया जाएगा और हालात की समीक्षा के बाद दिशा-निर्देशों में फेरबदल भी किया जा सकता है। पुडुचेरी कोऑपरेटिव बैंक के ग्राहकों के लिए यह स्थिति काफी परेशानी का सबब बन गई है क्योंकि वे अपनी गाढ़ी कमाई को तुरंत नहीं निकाल पा रहे हैं। बैंक की मौजूदा नकदी की कमी को देखते हुए ही निकासी की यह अधिकतम सीमा तय की गई है जिससे संस्था का कामकाज संभल सके और जमाकर्ताओं का हित सुरक्षित रखा जा सके।
नए कर्ज और निवेश गतिविधियों पर पूरी रोक
निकासी की इस सीमा के अलावा केंद्रीय बैंक ने पुडुचेरी कोऑपरेटिव बैंक के रोजमर्रा के वित्तीय कामकाज पर भी कड़े पहरे बैठा दिए हैं। संस्थान को अब किसी भी तरह के नए ऋण या एडवांस जारी करने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके अलावा बैंक किसी भी नई योजना में निवेश करने, नई देनदारियां अपने सिर लेने तथा अपनी संपत्तियों को स्थानांतरित करने अथवा उनका निपटान करने से भी पूरी तरह रोक दिया गया है। इन तमाम प्रतिबंधों का मुख्य मकसद वित्तीय संस्थान की स्थिति पर पूरी निगरानी रखना और निवेशकों तथा खाताधारकों के हितों की रक्षा करना है। हालांकि केंद्रीय संस्था ने एक खास शर्त के तहत यह छूट दी है कि बैंक ग्राहकों की कुल जमा राशि के एवज में उनके पुराने बकाये या ऋण का समायोजन कर सकता है। यानी कुछ विशेष परिस्थितियों में ऋण और जमा रकम का हिसाब किताब नियमों के अनुसार चुकता किया जा सकता है। ग्राहकों को अपनी जमा पूंजी को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है और वे अपनी गाढ़ी कमाई की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। बैंक प्रबंधन की लापरवाही और सुधारात्मक कदमों की कमी के कारण ही केंद्रीय संस्था को बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 के तहत यह कदम उठाना पड़ा है।
बीमा सुरक्षा और खाताधारकों के लिए आगे की योजना
अपनी जमा रकम की सुरक्षा को लेकर परेशान हो रहे ग्राहकों के लिए बीमा सुरक्षा का एक प्रावधान मौजूद है। केंद्रीय बैंक ने जानकारी दी है कि पात्र जमाकर्ता जमा बीमा एवं ऋण गारंटी निगम के नियमों के अंतर्गत पांच लाख रुपये तक की बीमा राशि पाने के अधिकारी होते हैं। हालांकि यह आर्थिक सुरक्षा पूरी तरह से बीमा के तयशुदा नियमों और पात्रता की शर्तों पर ही निर्भर करती है। ग्राहकों को इस पांच लाख रुपये की बीमा सीमा को तत्काल मिलने वाली नकदी या निकासी की खुली छूट बिल्कुल नहीं समझना चाहिए। इस गंभीर स्थिति से पहले केंद्रीय बैंक ने पुडुचेरी कोऑपरेटिव बैंक के निदेशक मंडल और वरिष्ठ प्रबंधन के साथ कई दौर की बैठकें की थीं ताकि कामकाज सुधर सके। इसके बावजूद संस्थान निगरानी से जुड़ी कमियों को दूर करने और ग्राहकों के हितों को बचाने के लिए कोई ठोस उपाय करने में नाकाम रहा। इसी वजह से केंद्रीय बैंक को मजबूर होकर इन नियमों को लागू करना पड़ा है। पुडुचेरी कोऑपरेटिव बैंक के सभी खाताधारकों को सलाह दी गई है कि वे पांच हजार की इस तय सीमा को ध्यान में रखकर ही अपने जरूरी खर्चों का बजट तैयार करें।