कंटाप
NEWS
गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      Rain Alert: बन गया है कम दबाव का क्षेत्र, इन राज्यों में होने जा रही मूसलाधार बारिश, आंधी तूफान का भी अलर्ट      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      'पाकिस्तान को अलग-थलग नहीं कर सकता भारत', मार्को रुबियो के बयान पर बोले पाकिस्तानी डिफेंस एक्सपर्ट      ट्रंप के मुस्लिम शहर वाले बयान पर भड़के मैक्रों, कहा- मूर्खतापूर्ण...      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      सोनम वांगचुक का केंद्र पर आरोप, बोले- लद्दाख से किए वादे पूरे करे सरकार     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
फाइनेंस

आर्थिक मजबूती: हरीश साल्वे ने कहा भारत बना स्थिरता का केंद्र और बढ़ा निवेशकों का भरोसा

जाने-माने कानूनी विशेषज्ञ हरीश साल्वे ने भारत की बढ़ती वैश्विक साख और आर्थिक मजबूती पर खुलकर अपने विचार रखे हैं। उनका कहना है कि आज का भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्थिरता का मुख्य केंद्र बन चुका है।

A
Ankit Yadav
17 सित 2026, 12:15
आर्थिक मजबूती: हरीश साल्वे ने कहा भारत बना स्थिरता का केंद्र और बढ़ा निवेशकों का भरोसा
देश की बदलती हुई कूटनीतिक स्थिति और आर्थिक मोर्चे पर मिल रही बड़ी सफलताओं के बीच वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में यह रेखांकित किया है कि वर्तमान समय में भारत वैश्विक स्तर पर स्थिरता के एक मजबूत गढ़ के रूप में स्थापित हो चुका है। उनके अनुसार, दुनिया भर के देशों और निवेशकों का विश्वास भारतीय अर्थव्यवस्था और यहां की सुदृढ़ नीतियों पर लगातार मजबूत होता जा रहा है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी विकास की जो नई धारा बह रही है, उससे देश के समग्र आर्थिक ताने-बाने को एक नई ऊर्जा मिली है।

विदेश नीति और अर्थव्यवस्था में प्रगति

वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के इस दौर में भारत ने जिस प्रकार अपनी स्वतंत्र और प्रभावी विदेश नीति का परिचय दिया है, उसकी सराहना चारों तरफ हो रही है। कूटनीति के मोर्चे पर लिए गए परिपक्व फैसलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के कद को काफी ऊंचा उठाया है। इसके साथ ही, घरेलू स्तर पर वित्तीय अनुशासन और विकासोन्मुखी सुधारों के कारण अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व तेजी आई है। आज अंतरराष्ट्रीय निवेशक भारत को निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और संभावनाओं से भरे गंतव्य के रूप में देख रहे हैं। राजधानी लखनऊ से लेकर देश के अन्य बड़े औद्योगिक केंद्रों तक व्यावसायिक गतिविधियों में उल्लेखनीय विस्तार देखा जा रहा है। सरकार की तरफ से बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, उनसे लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बहुत बढ़ावा मिला है। हरीश साल्वे के बयानों से यह बात और अधिक स्पष्ट हो जाती है कि सही दिशा में उठाए गए कदमों ने देश को दुनिया की प्रमुख आर्थिक ताकतों के समकक्ष लाकर खड़ा कर दिया है।

भविष्य की संभावनाएं और चुनौतियां

आने वाले समय में भारत की यह मजबूत स्थिति देश को वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाने में मदद करेगी। हालांकि, घरेलू बाजारों में स्थिरता बनाए रखने और विकास की इस गति को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए कई मोर्चों पर सतर्कता बरतने की आवश्यकता भी बनी हुई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि नीतियां इसी प्रकार निवेशकों के अनुकूल बनी रहीं, तो रोजगार के नए अवसरों का सृजन तेजी से होगा। कुल मिलाकर, जिस प्रकार से भारत हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है, उससे यह साफ है कि आने वाला दशक देश के लिए मील का पत्थर साबित होगा। आम जनता और व्यापारियों में भी इस सकारात्मक माहौल को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है, जो देश की दीर्घकालिक समृद्धि के लिए एक अत्यंत शुभ संकेत माना जा रहा है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज