धुरियापार में नए बिजलीघर की स्थापना को हरी झंडी
गोरखपुर जिले के धुरियापार क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक सौ बत्तीस किलोवोल्ट के आधुनिक सबस्टेशन के निर्माण को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। करीब साठ करोड़ रुपये के भारी बजट वाली इस परियोजना से पूरे इलाके के बिजली ढांचे में एक बहुत बड़ा बदलाव आएगा। विशेष तौर पर धुरियापार औद्योगिक गलियारे को चौबीस घंटे बिना किसी रुकावट के बिजली देने के मामले में यह योजना बेहद मददगार साबित होगी। इस नए बिजलीघर के शुरू हो जाने के बाद क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों को अपनी जरूरत के अनुसार पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। इसके साथ ही आसपास के अन्य कई उपकेंद्रों पर पड़ने वाला अतिरिक्त बिजली का दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा। इस पूरी व्यवस्था के सुचारू रूप से धरातल पर उतरने से स्थानीय स्तर पर उद्योगों के संचालन में तेजी आएगी और क्षेत्र में नए निवेश के द्वार भी आसानी से खुल सकेंगे। बिजली निगम के अनुसार इस बड़ी परियोजना का पूरा वित्तीय खर्च गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा वहन किया जाएगा। इसके अलावा इस आधुनिक बिजलीघर के निर्माण कार्य के लिए जरूरी जमीन भी प्राधिकरण के माध्यम से ही उपलब्ध कराई जाएगी।
निर्माण और पारेषण से जुड़ी पूरी कार्ययोजना
इस महत्वपूर्ण परियोजना के निर्माण कार्य की देखरेख विद्युत पारेषण खंड की सीधी निगरानी में पूरी की जाएगी। इसके लिए जमीन चिन्हित करने और आवश्यक सर्वे करने की प्रक्रिया को अब बहुत तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस नए एक सौ बत्तीस किलोवोल्ट के बिजलीघर को दो सौ बीस किलोवोल्ट के गोला बिजलीघर के साथ जोड़ा जाएगा। इन दोनों को आपस में जोड़ने के लिए लगभग चौदह किलोमीटर लंबी एक नई हाईटेंशन विद्युत लाइन बिछाने का काम किया जाएगा। इस विशेष लाइन के बिछ जाने से पूरे बिजली नेटवर्क की पारेषण क्षमता और उसकी स्थिरता में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। पारेषण खंड दो के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया है कि इलाके में लगातार बढ़ती हुई बिजली की मांग को ध्यान में रखते हुए ही यह बड़ा फैसला लिया गया है। धुरियापार इलाके में इस नए सबस्टेशन के स्थापित हो जाने के बाद औद्योगिक क्षेत्र को निर्बाध और पर्याप्त मात्रा में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। फिलहाल इस प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी प्रकार की औपचारिकताएं और प्रारंभिक सर्वे का कार्य पूरी तेजी के साथ पूरा किया जा रहा है ताकि तय समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरू हो सके।
क्षेत्र की बिजली समस्याओं से मिलेगी स्थाई मुक्ति
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर उतरने से इस पूरे क्षेत्र के निवासियों और कारोबारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान समय में इस इलाके में बार-बार बिजली ट्रिपिंग होने की समस्या और लो-वोल्टेज की दिक्कत आम बात बन चुकी है। नया बिजलीघर शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों और उद्योगों को इन दोनों ही बड़ी समस्याओं से पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा। बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों और भविष्य की बिजली जरूरतों का आकलन करते हुए इस योजना को बेहद रणनीतिक रूप से तैयार किया गया है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण और विद्युत निगम मिलकर इस पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं। तकनीकी रूप से मजबूत इस ढांचे के तैयार हो जाने के बाद पारेषण नेटवर्क की सेहत सुधरेगी और कोई तकनीकी बाधा काम में रुकावट नहीं बनेगी। स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी लगातार इस बात की कोशिश कर रहे हैं कि सभी शुरुआती बाधाओं को जल्द से जल्द दूर किया जाए। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर इस महत्वाकांक्षी बिजलीघर के बनकर तैयार हो जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है जिससे क्षेत्रीय विकास को एक नई गति मिलेगी।