कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख सूचकांकों में आई भारी गिरावट
मंगलवार के कारोबारी दिन की शुरुआत से ही भारतीय शेयर बाजार में मंदी का माहौल पूरी तरह छाया रहा। वैश्विक बाजारों से प्राप्त नकारात्मक संकेतों ने निवेशकों की चिंता को और अधिक बढ़ा दिया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 488.35 अंक यानी 0.67 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 72,283.37 के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मुख्य पैमाना निफ्टी 146.05 अंक या 0.64 प्रतिशत की सुस्ती दिखाते हुए 22,634.10 के आंकड़े पर सिमट गया। शुरुआती घंटियों में मंदी का रुख दिखने के बाद बिकवाली का दबाव पूरे सत्र के दौरान लगातार बना रहा। दिन के कारोबार के अहम समय पर निफ्टी अपने 22,700 के सपोर्ट लेवल को बचा नहीं पाया और उसके नीचे फिसल गया। बाजार में शेयरों की खरीद-फरोख्त के दौरान बढ़त और गिरावट के आंकड़ों में कड़ी टक्कर देखने को मिली। दिनभर के कामकाज के दौरान कुल 920 कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 864 कंपनियों के शेयरों के दाम नीचे लुढ़क गए। इसके अलावा लगभग 174 शेयरों के भाव में किसी भी प्रकार का फेरबदल नहीं देखा गया और वे पूरी तरह स्थिर बने रहे। वैश्विक और घरेलू दोनों मोर्चों पर भारी बिकवाली के कारण निवेशकों की पूंजी को भारी झटका लगा है और बाजार का कुल रुझान काफी हद तक नकारात्मक बना हुआ है।
ऑटो और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से बढ़ा बाजार का दबाव
आज के पूरे कारोबारी सत्र के दौरान सबसे अधिक दबाव ऑटोमोबाइल, बैंकिंग और मेटल सेक्टर के शेयरों पर साफ तौर पर दिखाई दिया। वाहन निर्माण क्षेत्र में कमजोरी के चलते टाटा मोटर्स पीवी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों में हुई बिकवाली के कारण एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी काफी कमजोर नजर आए। इसके अलावा मेटल तथा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दौर जारी रहने से बजाज फाइनेंस और टाटा स्टील के भाव भी शीर्ष नुकसान झेलने वाली कंपनियों की सूची में शामिल हो गए। सेक्टर आधारित सूचकांकों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी फार्मा को छोड़कर बाकी लगभग सभी इंडेक्स लाल निशान में डूब गए। निफ्टी आईटी में 0.55 प्रतिशत की गिरावट आई और निफ्टी एफएमसीजी भी 0.55 प्रतिशत टूट गया। निफ्टी सर्विसेज में 0.52 प्रतिशत, निफ्टी एमएनसी में 0.45 प्रतिशत और निफ्टी बैंक में 0.41 प्रतिशत की सबसे बड़ी कमजोरी दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त रियल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी सुस्ती के साथ लाल निशान के दायरे में कारोबार करते रहे।
फार्मा और चुनिंदा आईटी शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की
बाजार में चौतरफा भारी बिकवाली के इस गंभीर माहौल के बीच फार्मास्यूटिकल सेक्टर और कुछ चुनिंदा आईटी शेयरों ने बाजार को थामने का पूरा प्रयास किया। स्वास्थ्य सेवा और फार्मा सेक्टर में अच्छी खरीदारी लौटने के कारण डॉ. रेड्डीज लैब्स और सिप्ला के शेयर इस सत्र के शीर्ष लाभ कमाने वाले शेयरों में शुमार हो गए। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के प्रमुख शेयरों में शामिल एचसीएल टेक ने अपनी शुरुआती बढ़त को अंत तक सफलतापूर्वक बनाए रखा। इसके अलावा पावर सेक्टर और उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़ी कंपनियों एनटीपीसी तथा टाटा कंज्यूमर के शेयरों में भी निवेशकों की तरफ से खरीदारी का सकारात्मक रुख देखने को मिला। सेक्टर के सूचकांकों में केवल निफ्टी फार्मा ही एकमात्र ऐसा इंडेक्स रहा जो हरे निशान में टिकने में कामयाब रहा। निफ्टी फार्मा इंडेक्स ने 0.80 प्रतिशत की मजबूत बढ़त हासिल करते हुए 26,976.15 के स्तर पर अपनी स्थिति को काफी मजबूत दिखाया। वित्तीय जानकारों और विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक बाजारों की अनिश्चितता और सेक्टर विशेष में हो रही मुनाफावसूली का असर आगे भी बाजार की चाल पर पूरी तरह से हावी रह सकता है।