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ग्रामीण वित्तीय क्रांति: उत्तर प्रदेश के चौबीस जिलों में महिला स्वयं सहायता समूहों को मिला डिजिटल बैंकिंग का विशेष प्रशिक्षण

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए वित्तीय साक्षरता अभियान के तहत हजारों महिलाओं को डिजिटल लेनदेन का प्रशिक्षण दिया गया है।

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Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 14:17
ग्रामीण वित्तीय क्रांति: उत्तर प्रदेश के चौबीस जिलों में महिला स्वयं सहायता समूहों को मिला डिजिटल बैंकिंग का विशेष प्रशिक्षण
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास विभाग और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे एक विशेष वित्तीय साक्षरता अभियान के तहत आज प्रदेश के चौबीस ग्रामीण जिलों में हजारों महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन लेनदेन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य गांवों की महिलाओं को बैंकिंग धोखाधड़ी से बचाते हुए उन्हें स्मार्टफोन के माध्यम से घर बैठे ऋण आवेदन, सरकारी सब्सिडी का सीधा अंतरण और डिजिटल भुगतान करने में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है। प्रशिक्षित महिलाओं को अब 'बैंक सखी' के रूप में भी तैनात किया जा रहा है, जो अपने गांवों के अन्य लोगों को भी छोटे वित्तीय लेनदेन करने में मदद करेंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति प्रदान करेंगी।

लघु व्यवसाय और डिजिटल ऋण की सुविधा

इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान महिलाओं को यह भी सिखाया गया कि वे अपने छोटे कुटीर उद्योगों और पशुपालन व्यवसायों को आगे बढ़ाने के लिए मुद्रा योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत किस प्रकार आसानी से कम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर सकती हैं। विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिविर में आकर महिलाओं को ऑनलाइन ऋण फॉर्म भरने, अपने दस्तावेजों को डिजिटल रूप से सत्यापित करने और समय पर किस्तों का भुगतान करने के फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। महिलाओं ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण मिलने से उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और अब उन्हें छोटे-छोटे वित्तीय कार्यों के लिए बैंक शाखाओं के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं।

सकारात्मक परिणाम और भविष्य के लक्ष्य

राज्य सरकार के इस महत्वाकांक्षी अभियान के शुरुआती परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे हैं और पिछले कुछ हफ्तों में डिजिटल माध्यमों से होने वाले वित्तीय लेन-देन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार की आगामी योजना इस वर्ष के अंत तक उत्तर प्रदेश के सभी पतरस जिलों की कम से कम दस लाख महिलाओं को इस डिजिटल वित्तीय साक्षरता नेटवर्क से जोड़ने की है ताकि महिला सशक्तिकरण के संकल्प को पूरी मजबूती से जमीन पर उतारा जा सके। इस वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए देश के अन्य राज्यों ने भी इस मॉडल का अध्ययन करना शुरू कर दिया है ताकि वे भी अपने यहाँ की ग्रामीण महिलाओं को इसी प्रकार आर्थिक रूप से स्वावलंबी बना सकें।
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