एनएसई और बीएसई पर दमदार शुरुआत
भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर एसआरआईटी इंडिया लिमिटेड के शेयरों की शुरुआत चौदह प्रतिशत के मजबूत प्रीमियम के साथ हुई। एनएसई पर कंपनी का शेयर एक सौ अड़तालीस रुपये के भाव पर सूचीबद्ध किया गया। इसके साथ ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर भी कंपनी के शेयरों ने सात दशमलव पांच चार प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। बीएसई पर कंपनी का शेयर एक सौ उनतालीस रुपये अस्सी पैसे के भाव पर बाजार में उतरा। कंपनी ने इस आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के लिए प्रति शेयर मूल्य दायरा एक सौ पंद्रह रुपये तय किया था। इस निर्गम के लिए एक सौ पंद्रह शेयरों का एक लॉट तय किया गया था जिसमें सामान्य निवेशकों को कम से कम चौदह हजार नौ सौ पचास रुपये का दांव लगाना पड़ा था। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की प्रीमियम लिस्टिंग निवेशकों के लिए बेहद उत्साहजनक साबित होती है और इससे प्राथमिक बाजार में उत्साह का माहौल बनता है। कंपनी के इन शेयरों के बाजार में आते ही निवेशकों ने जोरदार प्रतिक्रिया दी और शुरुआती कारोबार के दौरान ही शेयरों की खरीद-फरोख्त में भारी दिलचस्पी दिखाई गई जिससे कंपनी के कुल बाजार पूंजीकरण को भी एक ठोस संबल प्राप्त हुआ है।
पूरी जानकारी और शेयरों का आकार
इस आरंभिक सार्वजनिक निर्गम का कुल आकार दो सौ अठारह करोड़ चालीस लाख रुपये का निर्धारित किया गया था। यह पूरा निर्गम पूरी तरह से नए शेयरों के आधार पर तैयार किया गया था जिसमें किसी भी प्रकार की पुरानी शेयर बिक्री शामिल नहीं थी। कंपनी की तरफ से कुल एक करोड़ अड़सठ लाख नए शेयरों का खुलकर बाजार में सृजन किया गया था। मुख्य निर्गम खुलने से पहले ही यह कंपनी एंकर निवेशकों के लिए पच्चीस सितंबर को सक्रिय कर दी गई थी। एंकर निवेशकों के इस विशेष चरण के माध्यम से कंपनी ने पैंसठ करोड़ बावन लाख रुपये की भारी राशि सफलतापूर्वक जुटाई थी। इस प्रक्रिया के तहत एंकर निवेशकों को जारी किए गए पचास शेयरों का लॉक इन पीरियड कम से कम तीस दिनों के लिए तय किया गया है। वहीं दूसरी तरफ शेष पचास प्रतिशत शेयरों का लॉक इन पीरियड नब्बे दिनों तक का रहेगा ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे। यह आईपीओ आम निवेशकों के लिए अट्ठाइस सितंबर से तीस सितंबर के बीच खुला था जिस दौरान विभिन्न श्रेणियों के निवेशकों से भारी बोलियां प्राप्त हुईं। ग्रे मार्केट यानी अनौपचारिक बाजार में इस कंपनी का आईपीओ इकसठ रुपये के ऊंचे प्रीमियम पर कारोबार कर रहा था जो कि छियालीस प्रतिशत के भारी भरकम लिस्टिंग लाभ की ओर साफ इशारा कर रहा था और निवेशकों की उम्मीदों पर खरा उतरा है।
पूंजी का उपयोग और हिस्सेदारी का गणित
कंपनी ने अपने इस सार्वजनिक निर्गम से जुटाई गई भारी पूंजी के उपयोग के लिए एक स्पष्ट योजना तैयार की है। अपने मौजूदा उत्पादों के आधुनिकीकरण और उनके पुनर्विकास के कार्यों के वास्ते कंपनी बारह करोड़ छियासी लाख रुपये की राशि खर्च करेगी। इसके अलावा दैनिक व्यावसायिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक सौ चौबीस करोड़ रुपये का उपयोग किया जाएगा। सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों के संचालन और अन्य आवश्यक प्रबंधों के मद में कंपनी पचपन करोड़ तेरह लाख रुपये का निवेश करेगी। इस पूरे निर्गम से जुड़े कुल खर्च के रूप में छब्बीस करोड़ बयालीस लाख रुपये की भारी राशि भी इसी कोष से प्रयोग में लाई गई है। इस पूरी प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद कंपनी में प्रमोटर और प्रमोटर समूह की कुल हिस्सेदारी चौरासी दशमलव नौ एक प्रतिशत से घटकर बासठ दशमलव सात एक प्रतिशत पर आ जाएगी। इसके विपरीत आम जनता यानी पब्लिक की हिस्सेदारी पंद्रह दशमलव शून्य नौ प्रतिशत से बढ़कर सैंतीस दशमलव दो नौ प्रतिशत हो जाएगी जिससे कंपनी में सार्वजनिक भागीदारी में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। हालांकि शेयर बाजार हमेशा से विभिन्न प्रकार के जोखिमों के अधीन होता है और इस प्रकार के किसी भी वित्तीय निवेश से पहले बाजार विशेषज्ञों की सलाह अवश्य लेनी चाहिए ताकि पूंजी सुरक्षित रह सके।