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स्वास्थ्य ब्रेकिंग

बड़ा हादसा टला: पेंट्रीकार का खाना खाकर बीमार हुए बच्चे, खंडवा में ट्रेन एक घंटे रोकी गई

मध्य प्रदेश के खंडवा रेलवे स्टेशन पर एक गंभीर मामला सामने आया है जहाँ ट्रेन में पेंट्रीकार का भोजन करने से कई बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन को लगभग एक घंटे तक रोककर प्रभावित बच्चों का चिकित्सीय परीक्षण और उपचार कराया गया।

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Ankit Yadav
29 अग 2026, 13:49
बड़ा हादसा टला: पेंट्रीकार का खाना खाकर बीमार हुए बच्चे, खंडवा में ट्रेन एक घंटे रोकी गई
भारतीय ट्रेनों में मिलने वाली खान-पान की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मध्य प्रदेश के खंडवा रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरातफरी मच गई जब सफर के दौरान ट्रेन में परोसा गया पेंट्रीकार का खाना खाने से कई बच्चों की तबीयत तेजी से खराब होने लगी। भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों ने पेट दर्द, चक्कर आने और उल्टी जैसी समस्याओं की शिकायत की, जिससे उनके परिजनों और अन्य सहयात्रियों में घबराहट फैल गई। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत रेलवे प्रशासन और स्टेशन अधिकारियों को इस घटना की सूचना दी गई, ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।

यात्रियों की मांग पर ट्रेन को रोका गया

अधिकारियों ने स्थिति की नजाकत को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की और खंडवा स्टेशन पर उस गाड़ी को करीब एक घंटे के लिए रोक लिया। ट्रेन रुकते ही रेलवे के मेडिकल स्टाफ और स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बीमार बच्चों की स्वास्थ्य जांच शुरू कर दी। स्टेशन परिसर में ही डॉक्टरों ने बच्चों का प्राथमिक उपचार किया और उन्हें आवश्यक दवाइयां दीं। गनीमत यह रही कि समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो जाने के कारण किसी भी बच्चे की हालत ज्यादा गंभीर नहीं हुई और सभी को जरूरी राहत मिल सकी। इस आपातकालीन स्थिति के कारण ट्रेन निर्धारित समय से थोड़ी देर से आगे के लिए रवाना हो सकी, लेकिन यात्रियों ने राहत की सांस ली।

खान-पान व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर ट्रेनों में यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और उसकी हाइजीन पर बड़े सवालिया निशान लग गए हैं। यात्रियों का कहना है कि रेलवे लंबे समय से खान-पान सुधारने के दावे करता रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी चिंताजनक बनी हुई है। इस तरह की लापरवाही न केवल यात्रियों की सेहत के साथ खिलवाड़ है, बल्कि रेलवे नियमों का भी खुला उल्लंघन है। घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित पेंट्रीकार संचालक और कैटरिंग सर्विस के खिलाफ सख्त जांच के संकेत दिए हैं। संबंधित रेलवे डिवीजन के अधिकारियों का कहना है कि खाद्य नमूनों की जांच कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भोजन में किस प्रकार की गड़बड़ी थी। यदि जांच में पेंट्रीकार प्रबंधन की ओर से किसी भी प्रकार की कोताही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भारी जुर्माने से लेकर लाइसेंस रद्द करने तक की कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। यात्रियों ने भी रेलवे से मांग की है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में भोजन की गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को पूरी तरह रोका जा सके।
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