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स्वास्थ्य

मेडिकल हब: छत्तीसगढ़ में चिकित्सा तकनीक निर्माण को बढ़ावा देने की तैयारी

विदेशों से चिकित्सा उपकरणों के आयात पर निर्भरता पूरी तरह खत्म करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में एक नया मेडिकल टेक्नोलॉजी हब विकसित करने की दिशा में कार्य तेज कर दिया गया है।

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Ankit Yadav
23 अग 2026, 11:58
मेडिकल हब: छत्तीसगढ़ में चिकित्सा तकनीक निर्माण को बढ़ावा देने की तैयारी
देश को स्वास्थ्य क्षेत्र में चिकित्सा उपकरणों और उपकरणों के निर्माण के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर एक अत्याधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी हब स्थापित करने की कवायद को अब और अधिक तेज कर दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य विदेशों से आने वाले महंगे मेडिकल उपकरणों पर भारत की निर्भरता को न्यूनतम करना और घरेलू स्तर पर ही विश्वस्तरीय चिकित्सा तकनीक का उत्पादन करना है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम

चिकित्सा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों, तकनीकों और आधुनिक उपकरणों के लिए भारत अभी भी काफी हद तक बाहरी देशों पर आश्रित रहता है। इस विदेशी निर्भरता के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की लागत पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है और संकट के समय आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने का खतरा भी बना रहता है। इस बड़ी चुनौती का स्थायी समाधान निकालने के लिए ही छत्तीसगढ़ को एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी सेंटर के रूप में विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस हब के बन जाने से न केवल राज्य बल्कि पूरे देश को उन्नत चिकित्सा तकनीक किफायती दरों पर मिल सकेगी। इस योजना के तहत राज्य में विभिन्न प्रकार के चिकित्सा उपकरणों के अनुसंधान, डिजाइनिंग और उत्पादन इकाइयों को स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार और संबंधित विभाग मिलकर इस बात की पूरी योजना बना रहे हैं कि किस प्रकार से देश-विदेश के बड़े निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित संस्थानों को इस परियोजना के साथ जोड़ा जाए। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर उच्च कोटि के तकनीकी विशेषज्ञों और कुशल युवाओं को तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों और शैक्षणिक सहयोग पर भी विचार विमर्श चल रहा है, ताकि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत आधार मिल सके।

रोजगार के नए अवसर और भविष्य की रूपरेखा

छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के विशाल मेडिकल टेक्नोलॉजी हब के मूर्त रूप लेने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी अभूतपूर्व गति मिलने की पूरी संभावना है। तकनीकी क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के नए और सुनहरे अवसर पैदा होंगे, जिससे पलायन की समस्या पर भी अंकुश लगेगा। आने वाले दिनों में इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए कई और चरणों में बैठकों का दौर चलेगा और नीतियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार के इस कदम से न केवल देश की चिकित्सा अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि भारत दुनिया भर में स्वास्थ्य तकनीक के क्षेत्र में एक शक्तिशाली और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करने में सफल हो सकेगा।
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