कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      ‘CJP प्रोटेस्ट के लिए फंडिंग कहां से आती है?’ RSS के Indresh Kumar ने उठाए सवाल      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत      कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
स्वास्थ्य

चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी सफलता: नांदेड़ विश्वविद्यालय को तपेदिक के नैनो ड्रग डिलीवरी पर मिला भारतीय पेटेंट

वैज्ञानिक अनुसंधान और स्वास्थ्य तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, नांदेड़ विश्वविद्यालय को तपेदिक (टीबी) के इलाज के लिए एक उन्नत नैनो ड्रग डिलीवरी तकनीक पर आधिकारिक भारतीय पेटेंट मिल गया है।

A
Ankit Yadav
21 अग 2026, 17:31
चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी सफलता: नांदेड़ विश्वविद्यालय को तपेदिक के नैनो ड्रग डिलीवरी पर मिला भारतीय पेटेंट
भारतीय स्वास्थ्य अनुसंधान और शैक्षणिक जगत के लिए यह एक बेहद गौरवशाली क्षण है, क्योंकि नांदेड़ स्थित एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय ने टीबी जैसी गंभीर और व्यापक बीमारी के उपचार को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। टीबी के खिलाफ लड़ाई में लंबे समय से उपचार प्रणालियों को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे थे, और इस नई तकनीक के आ जाने से इस घातक संक्रमण के खिलाफ चिकित्सा विज्ञान को एक अत्यंत सशक्त और अत्याधुनिक हथियार मिल गया है। यह पेटेंट इस बात का प्रमाण है कि भारतीय संस्थान वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान खोजने में लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं और अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम गढ़ रहे हैं।

टीबी उपचार में नैनो तकनीक की क्रांतिकारी भूमिका

पारंपरिक उपचार विधियों की तुलना में नैनो ड्रग डिलीवरी तकनीक कई मायनों में अत्यधिक उन्नत और लाभकारी मानी जाती है। तपेदिक के इलाज के दौरान अक्सर यह देखा गया है कि पारंपरिक दवाएं शरीर के उन हिस्सों तक पूरी प्रभावशीलता के साथ नहीं पहुँच पाती हैं जहाँ बैक्टीरिया का संक्रमण सबसे अधिक गहरा होता है, जिससे उपचार की अवधि लंबी हो जाती है और कई बार दुष्प्रभाव भी सामने आते हैं। इस अत्याधुनिक नैनो तकनीक के माध्यम से दवा को सीधे शरीर में संक्रमण के सटीक स्थान तक पहुँचाया जा सकता है, जिससे उसकी प्रभावकारिता कई गुना बढ़ जाती है और स्वस्थ कोशिकाओं को होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है। विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों की समर्पित टीम ने इस अभूतपूर्व तकनीक को विकसित करने में लंबी मेहनत की है, जिसके परिणामस्वरूप अब भारत को अपना स्वदेशी पेटेंट हासिल हुआ है। इस अनुसंधान प्रक्रिया के दौरान विभिन्न वैज्ञानिक परीक्षणों और मानकों का कड़ाई से पालन किया गया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह तकनीक मरीजों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित और व्यावहारिक रूप से उपयोगी साबित हो सके। अकादमिक और शोध हलकों में इस सफलता की जोरदार सराहना की जा रही है और इसे देश की वैज्ञानिक क्षमता का एक बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है।

भविष्य की संभावनाएं और स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव

इस महत्वपूर्ण पेटेंट के मिलने के बाद अब इस बात की प्रबल संभावना है कि आने वाले समय में देश और दुनिया भर में तपेदिक के मरीजों के लिए उपचार अधिक सुलभ, तेज और किफायती बन जाएगा। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तकनीक का बड़े पैमाने पर क्लिनिकल अनुप्रयोग और व्यावसायिक उत्पादन शुरू होता है, तो यह वैश्विक स्तर पर टीबी उन्मूलन के कार्यक्रमों को एक नई गति प्रदान कर सकती है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित शोधकर्ता अब इस तकनीक को दवा निर्माण उद्योगों तक पहुँचाने और इसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों को ज़मीन पर उतारने के लिए नई साझेदारियों की योजना बना रहे हैं।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज