प्रशासनिक कार्रवाई और ध्वस्तीकरण अयोध्या जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इन दिनों अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ जिला प्रशासन और विकास प्राधिकरण द्वारा बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत बिना किसी वैध अनुमति के तैयार की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे बुलडोजर ने अनधिकृत निर्माणों, अवैध रूप से बनाई गई सड़कों, बाउंड्री वॉल और भूखंडों के विभाजन के लिए खड़े किए गए ढांचों को जमींदोज कर दिया। इस त्वरित कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शहर के सुनियोजित विकास को बढ़ावा देना और उन असामाजिक तत्वों के मंसूबों पर पानी फेरना है जो भोले-भाले खरीदारों को सस्ते दामों का झांसा देकर बिना अनुमति वाली जमीनों पर बसाने का अवैध कारोबार कर रहे थे। इस दौरान स्थानीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना रेरा और विकास प्राधिकरण की अनुमति के किसी भी प्रकार का भूखंड विभाजन या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी ताकि शहर को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जा सके।
अवैध बस्तियों के बढ़ने के कारण पिछले कुछ वर्षों में अयोध्या के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व में अभूतपूर्व वृद्धि के कारण अचल संपत्तियों की मांग में भारी उछाल आया है जिसका फायदा उठाने के लिए कई भू-माफिया और अनाधिकृत कॉलोनाइजर सक्रिय हो गए हैं। ये लोग बिना किसी विभागीय स्वीकृति या मास्टर प्लान के दिशा-निर्देशों का पालन किए बगैर कृषि योग्य उपजाऊ जमीनों पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर देते हैं और आम जनता को लुभावने विज्ञापनों के माध्यम से गुमराह करके अपने जाल में फंसा लेते हैं। ऐसी कॉलोनियों में न तो सड़क की उचित व्यवस्था होती है और न ही बिजली, पानी, सीवर जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाएं पहुंच पाती हैं जिससे भविष्य में वहां घर बनाकर रहने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रशासनिक नियमों के मुताबिक किसी भी नई कॉलोनी को विकसित करने से पहले तमाम सरकारी विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होता है ताकि पर्यावरणीय संतुलन और शहरी नियोजन के मानदंडों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर आम नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की जाती है कि वे किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले उसके कागजात और वैधानिक स्वीकृतियों की भली-भांति जांच अवश्य कर लें ताकि उनकी गाढ़ी कमाई किसी प्रकार के धोखे में न फंसे।
भविष्य की चेतावनी और प्रभाव इस प्रकार की कठोर और निर्णायक कार्रवाई से भू-माफियाओं और अवैध प्लॉटिंग करने वाले कारोबारियों में हड़कंप मच गया है जिससे आने वाले दिनों में इस तरह की गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले हफ्तों में शहर के अन्य हिस्सों और बाहरी इलाकों में भी इस तरह के अभियानों को और अधिक व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा ताकि किसी भी नए अवैध निर्माण को जड़ से समाप्त किया जा सके। इसके साथ ही सरकार और स्थानीय निकाय मिलकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि आम जनता को जागरूक किया जाए ताकि वे अनधिकृत बस्तियों में निवेश करने से बचें और केवल उन्हीं कॉलोनियों को प्राथमिकता दें जो पूरी तरह से कानूनी रूप से वैध और स्वीकृत हों। इस पूरी मुहिम का दूरगामी परिणाम यह होगा कि अयोध्या का शहरी विस्तार पूरी तरह से सुनियोजित, व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से हो सकेगा जिससे नागरिकों को भविष्य में बेहतर नागरिक सुविधाएं और उच्च जीवन स्तर प्राप्त हो सके और अनियोजित विकास के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं से बचा जा सके।