माउंट लिट्रा जी स्कूल के पास सड़क पर पसरा मौत का साया उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर झांसी में स्थित माउंट लिट्रा जी स्कूल के ठीक पास ट्यूबवेल रोड पर एक सार्वजनिक विद्युत ट्रांसफार्मर ने राहगीरों और बच्चों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर दिया है। यह ट्रांसफार्मर किसी सुरक्षित बाउंड्री या चारदीवारी के भीतर स्थापित होने के बजाय सीधे सड़क मार्ग के किनारे खुला हुआ रखा गया है जिससे वहाँ से गुजरने वाले हर व्यक्ति की जान जोखिम में रहती है। स्कूल के आसपास का यह इलाका हमेशा बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों की आवाजाही से गुलजार रहता है, लेकिन इस खतरनाक विद्युत उपकरण की मौजूदगी ने हर किसी को डरा दिया है। स्थानीय लोगों और सड़क से आने-जाने वालों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक के बीच इस तरह सड़क की हद तक फैले ट्रांसफार्मर से किसी भी समय कोई बड़ी अनहोनी घटित हो सकती है। बिजली के तारों का खुला होना और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करना यहाँ के स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है, क्योंकि बच्चों के स्कूल जाने के मुख्य रास्ते पर ऐसा जोखिम होना किसी बड़े हादसे को सीधा न्योता देने जैसा प्रतीत होता है।
स्कूल के रास्ते पर बिजली के उपकरणों की लापरवाही का स्याह सच भारतीय शहरों के आवासीय और शैक्षणिक क्षेत्रों में बिजली वितरण व्यवस्था अक्सर अनियोजित तरीके से फैल जाती है, जिसका खामियाजा अंततः आम नागरिकों और मासूम स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ता है। आधुनिक शिक्षा संस्थानों के बाहर इस प्रकार की बुनियादी और नागरिक समस्याओं का होना यह दर्शाता है कि शहरी नियोजन के दौरान सुरक्षा उपायों को किस हद तक नजरअंदाज किया जाता है। जब शैक्षणिक संस्थानों के निकट इस प्रकार के उच्च वोल्टेज वाले उपकरण सड़कों पर बिना किसी सुरक्षा घेरे के छोड़ दिए जाते हैं, तो यह न केवल नगर निगम और विद्युत विभाग की उदासीनता को उजागर करता है, बल्कि अभिभावकों की मानसिक चिंता को भी कई गुना बढ़ा देता है। बच्चे अक्सर नासमझी में ऐसी खतरनाक जगहों के पास खेलकूद करते हैं या लापरवाही बरत जाते हैं, जिससे करंट लगने या अन्य दुर्घटनाओं की आशंका अत्यंत तीव्र हो जाती है। इस प्रकार की समस्याएं केवल एक सड़क या एक विद्यालय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे शहरी बुनियादी ढांचे की उस कमजोर कड़ी को दर्शाती हैं जहाँ विकास के नाम पर जनसुरक्षा को हमेशा ताक पर रख दिया जाता है और जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी दुर्घटना के घटने का इंतजार करते रहते हैं।
स्थानीय निवासियों का आक्रोश और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग इस गंभीर खतरे को लेकर झांसी के स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने अब मुखर होना शुरू कर दिया है और संबंधित विभागों से इस ट्रांसफार्मर को तुरंत अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की पुरजोर मांग की जा रही है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और विद्युत निगम की होगी। विद्यालय प्रबंधन और अभिभावक संघ भी इस मामले को लेकर लगातार संबंधित अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से पहले उचित कदम उठाए जा सकें। उम्मीद की जा रही है कि इस मामले के तूल पकड़ने के बाद बिजली विभाग के अधिकारी हरकत में आएंगे और सड़क के बीचों-बीच या किनारे पर बिना सुरक्षा के खड़े इस जानलेवा ट्रांसफार्मर को या तो बैरिकेडिंग से सुरक्षित करेंगे या फिर किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर शिफ्ट करेंगे। इस दिशा में एक त्वरित और प्रभावी प्रशासनिक कदम ही न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है, बल्कि नागरिकों के गुस्से को भी शांत करने में मददगार साबित होगा।