अवैध परिवहन के दौरान बच्चों को छुड़ाया गया सुरक्षित बचाए गए सभी पांचों नाबालिगों को एक सुनियोजित अभियान के तहत उस समय अपने कब्जे में लिया गया जब उन्हें गैरकानूनी तरीके से काम करवाने के उद्देश्य से गुजरात राज्य ले जाया जा रहा था। इस पूरी घटना के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है क्योंकि तस्कर कम उम्र के बच्चों को निशाना बनाकर उन्हें लंबी दूरी के सफर पर ले जाने की फिराक में थे। समय रहते मिली पुख्ता सूचना और त्वरित कार्रवाई के कारण इन मासूमों को बचाना संभव हो पाया है। शुरुआती पूछताछ और तस्दीक के बाद पुलिस तथा संबंधित विभागों ने बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि उनकी काउंसलिंग और स्वास्थ्य परीक्षण ठीक प्रकार से किया जा सके। इस मामले में संलिप्त अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए भी दस्तावेजों और यात्रा संबंधी विवरणों की बारीकी से जांच की जा रही है।
बाल तस्करी और शोषण के खिलाफ सख्त नियम देशभर में बच्चों से जुड़े श्रम कानूनों और तस्करी रोकने के लिए कड़े प्रावधान बनाए गए हैं ताकि किसी भी नाबालिग को उसकी उम्र के इस पड़ाव पर आजीविका के नाम पर जोखिम भरी परिस्थितियों में न झोंका जाए। गरीबी, अशिक्षा और आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर अक्सर संगठित गिरोह मासूमों और उनके परिवारों को झूठे सपने दिखाकर बड़े महानगरों या दूरदराज के राज्यों में धकेल देते हैं जहां उन्हें अमानवीय परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। सरकार और गैर-सरकारी संगठन मिलकर इस तरह के अवैध सिंडिकेट्स को नेस्तनाबूद करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाते हैं और रेलवे स्टेशनों तथा बस अड्डों पर विशेष निगरानी रखते हैं। ऐसे अपराधों में लिप्त पाए जाने वाले दोषियों के खिलाफ बाल श्रम निषेध अधिनियम तथा अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कठोर दंड का प्रावधान है जिसमें लंबी जेल की सजा और भारी जुर्माने शामिल हैं ताकि भविष्य में इस तरह की आपराधिक गतिविधियों की पुनरावृत्ति को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
आगे की कानूनी कार्रवाई और पुनर्वास प्रक्रिया मुक्त कराए गए पांचों नाबालिगों को नियमानुसार बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा जहां उनके बयान दर्ज करने के बाद उनके परिवारों से संपर्क साधने के प्रयास किए जाएंगे। यदि बच्चे अपने संरक्षकों के पास लौटने की स्थिति में नहीं होंगे या उनके परिवार अत्यधिक विपन्नता में होंगे, तो उन्हें राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत विभिन्न संरक्षण गृहों या संस्थानों में रखकर उनकी शिक्षा और दीक्षा का प्रबंध किया जाएगा। इसके अलावा इस अवैध नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए उन दलालों और एजेंटों की तलाश तेज कर दी गई है जो इस प्रकार के गैरकानूनी कार्यों का संचालन कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के अन्य गुर्गों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा ताकि बाल तस्करी के इस नापाक कारोबार का पूरी तरह से सफाया किया जा सके और भविष्य में इस तरह के मामलों पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।